जिम्मेदारों की सह पर बैराड में खुलेआम चल रहा है अवैध उत्खनन, तहसीलदार बोलने से बच रहे है - Bairad News

प्रिंस प्रजापति@ बैराड़। जहां एक ओर केंद्र व प्रदेश सरकार अवैध उत्खनन के कारोबार को लेकर कमर कसने में लगी है तो बहीं तहसील क्षेत्र में अवैध उत्खनन का कारोबार जोरों पर सक्रिय है और बहीं प्रशासन की चुप्पी साधे रहना उनकी सांठगांठ को स्पष्ट करता है क्षेत्र में पत्थर रेत और मुरम की लगभग एक भी खदान स्वीकृत नहीं है।

इसके बावजूद इन दिनों बैराड़ कस्बा में अवैध रेत, पत्थर और मुरम की सप्लाई का प्रमुख केंद्र के तौर पर उभर रहा है। राजस्व और खनन माफिया की तिकड़ी की मिलीभगत के चलते जहां मैदानी व पहाड़ी इलाकों से भू-राजस्व की खदानों से पत्थर और मुरम का अवैध उत्खनन जोरों पर चल रहा है। 

वहीं तहसील क्षेत्र से निकलने पार्वती नदी, नेहरगढा पाहड़ी, बैराज माता क्षेत्र तरफ से पचीपुरा के पास से रेता व पत्थरों का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि पार्वती नदी और राजस्व भूमि से पत्थर, मुरम एवं रेत की निकासी से लेकर परिवहन और बिक्री का खेल नगर में खुलेआम चल रहा है। 

लगभग 50 ट्रैक्टर-ट्रॉली प्रतिदिन मुख्य बाजार में स्थित थाने और तहसील के सामने से अवैध पत्थर रेत और मुरम के भरे फर्राटे से दौड़ रहे हैं। लेकिन बैराड़ तहसील मुख्यालय पर बैठे जिम्मेदार अफसरों को ये दिखाई नहीं देता है। पत्थर रेता और मुरम के अवैध उत्खनन से जहां शासन को लाखों रुपए के राजस्व की चपत लग रही है वहीं अवैध उत्खनन करने वाले लोगों के खिलाफ बैराड़ में कोई कार्रवाई नहीं होने से मिलीभगत की आशंका आमतौर पर लोग जता रहे हैं। 

प्रशासन का खुला संरक्षण इन अबैध उत्खनन कारोबारियों को देखने को मिल रहा है जिससे इनके हौंसले बुलन्द है बैराड़ तहसील अंतर्गत स्थित खदानों से दिनदहाड़े अबैध उत्खनन किया जा रहा इससे स्पष्ट होता है कि तहसीलदार बैराड़ की मिलीभगत के चलते ये अबैध खनन जोरो पर सक्रिय है लेकिन कोई कार्रवाई आज दिनांक तक नही की गई।