लीज कहीं की और खनन कहीं और, डबियाखुर्द में संचालित है अवैध पत्थर - Shivpuri News

शिवपुरी।
जिले के डबियाखुर्द की गढ़ी बरोद में अवैध खदान से पत्थर का अवैध खनन बेखौफ चल रहा है। बताया जाता है कि इस खनन के कारोबार में प्रशासन के जिम्मेदार भी शामिल है। इसलिए शिकायत होने के बाद भी खनन नहीं रुक रहा और न ही कोई कार्रवाई की जा रही है। हालात यह है कि खदान पर दिन-रात बड़ी-बड़ी मशीनों व मजदूरों के जरिए अवैध तरीके से फोरेस्ट की सीमा में से पत्थर निकाला जा रहा है। कुछ ही महीनों ने करोड़ों का पत्थर इस अवैध खदान से निकल चुका है। 

फोरेस्ट में पत्थर का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है। पत्थर का यह कारोबार लगातार बेरोकटोक चल रहा है। पत्थर माफियाओं द्वारा जंगली क्षेत्रों से पत्थर का अवैध तरीके से उत्खनन कर मजदूरों व मशीनों की मदद से तोड़कर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इसके पश्चात मजदूरों की मदद से उसे तोड़ कर अधिक दामों पर बेचा जाता है।

जंगल की गर्भ से पत्थर उत्खनन से कहीं न कहीं जंगल को भी भारी क्षति पहुंच रही है। सबसे ज्यादा पत्थर का उत्खनन डबियाखुर्द की गढ़ीबरोद वीट में हो रहा है। यहां जो खदान स्वीकृत है वहां पत्थर ही नहीं है। वहीं खनन माफिया फोरेस्ट में घुसकर जेसीबी से जंगल के पेड़ों को हटाकर रास्ता बना रहेे जिससे जंगल भी नष्ट हो रहा है।

एक ओर पत्थर के कारोबार से सरकार को लाखों रुपए के राजस्व कर का चूना लग रहा है। तो दूसरी ओर पत्थर माफिया खूब मालामाल हो रहे हैं। पत्थर का काला कारोबार इस क्षेत्र के लिए कोई नया काम नहीं है। बावजूद इसके शासन प्रशासन उनपर नकेल कस पाने में नाकाम है। सूत्रों की माने तो पत्थर माफिया विभागीय मिली भगत से आसानी से अवैध कार्य को अंजाम दे देते हैं। पत्थर माफिया बेखौफ होकर अपने अवैध कार्यों को अंजाम दे रहे हैं।

साथ ही सरकार को लाखों के राजस्व का चूना भी लगा रहे हैं। परंतु विभाग इस दिशा में कोई भी ठोस कार्रवाई करती नहीं दिख रही है। जिसका नतीजा इस तरह का कारोबार दिन दूनी रात चौगुनी फल फूल रहा है। यही नहीं जंगल से अवैध तरीके से पत्थर उत्खनन से कहीं न कहीं वनों को भी क्षति पहुंच रही है।

छोटे कर्मचारियों पर गिरती है गाज, लेकिन खनन नहीं रुकता

मामले को लेकर जब शिकायत की जाती है तो अधिकारियों द्वारा छोटे कर्मचारियों पर गाज गिरा दी जाती है जिससे कि मामला शांत हो जाए, लेकिन इन सबके बावजूद पत्थर का अवैध खनन नहीं रुकता। यह अवैध कारोबार लगातार जारी रहता है और खनन कारोबारी से लेकर अन्य लोग लाखों की कमाई कर रहे हैं।

इनका कहना है
अवैध खनन को रोकने के लिए हाई पावर कमेटी गठित की जाएगी और जल्द ही अवैध खनन करोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लवित भारती, DFO