करैरा उपचुनाव: करैरा ने नकारा जसवंत को प्रागीलाल की प्रचंड जीत,30 हजार 641 से वोटो से जीते

शिवपुरी। करैरा विधानसभा पर कांग्रेस ने जीत की हैट्रिक लगा ली। करैरा की जनता ने भाजपा प्रत्याशी जसवंत जाटव को बुरी तरह से नकार दिया और कांग्रेस प्रत्याशी प्रागीलाल जाटव को प्रचंड जीत दिला दी। करैरा से प्रागीलाल जाटव 30641 वोटो से विजय मिली हैं वही इस बार करैरा विधानसभा सीट पर हाथी पूरी तरह हाफ गया अपनी धमक दर्ज नही करा पाया हैं।

मतगणना के दिन देर रात तक करैरा विधानसभ के वोटो की संख्या स्पष्ट हुई,पहले ही राउंड से कांग्रेस के प्रागीलाल जाटव ने बढत बना ली जो अंतिम रांउड तक चली। तीसरे राउंड के नतीजो के बाद भाजपा प्रत्याशी जसवंत जाटव नतीजो को देखकर मायूस हो गए और मतगणना स्थल से बहार निकल गए।

प्रागीलाल जाटव का कुल 95728 वोट मिले हैं वही जसवंत जाटव को 65087 ही वोट मिले हैं हाथी कुछ कमाल नही कर सका हैं। इस प्रकार करैरा से प्रागीलाल जाटव ने 30641 हजार मतो से विययश्री को प्राप्त किया हैं।

प्रागीलाल जाटव करैरा विधानसभा से बसपा से तीन बार विधानसभा का चुनाव लड चुके हैं लेकिन तीनो पर वह चुनाव हारे हैं। अपने पिछले 2 बार के चुनाव के प्रर्दशन के कारण कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया हैं।

सन 2008 के विधानसभा चुनावा को बसपा के प्रत्याशी के रूप् में 24 हजार वोट हासिल किए थे,2016 के विधानसभा में प्रागीलाल जाटव को पुन:बसपा का प्रत्याशी बनाया गया था और 46 हजार वोट जनता ने प्रागीलाल जाटव के पक्ष में किए। वही पिछले 2018 के आम विधानसभा चुनावो में प्रागीलाल ने फिर हाथी की सवारी की और 41 हजार वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। इस उपचुनाव 2020 में प्रागीलाल विजयी हुए हैं और जनता ने उन्है 95728 वोट दिए हैं।



कांग्रेस प्रत्याशी जीत के कारण  
1. विवादित कार्यशैली
15 महिने में कांग्रेस से रहे विधायक जसबंत जाटव की विवादित कार्यशैली व अवैध रेत के उत्खनन के आरोप का फायदा सीधे प्रागीलाल जाटव को पहुंचा.
 
2. टिकाऊ का मुद्दा कामयाब
टिकाऊ और बिकाऊ के मुद्दे को जनता तक पहुंचाने प्रागीलाल कामयाब रहे और भाजपा पर जीत हासिल कर ली.
 
3. बसपा से अनुभव
बसपा से प्रत्याशी रहते हुए प्रागीलाल जाटव क्षेत्र मे चुनाव लड़ने का अनुभव और सरल सहज स्वभाव के माने जाते है यही उनकी जीत की जाबी रही. कमलनाथ ने भी यही सोच कर टिकट उन्हें दिया.  
 
बीजेपी प्रत्याशी का हार का कारण  
 1. टिकाऊ का मुद्दा हावी
 करैरा क्षेत्र में टिकाऊ और बिकाऊ का मुद्दा हावी रहा. जसबंत जाटव इसे भुना नहीं पाए.
 
2. विधायक रहते विकास कार्य नहीं
 जसवंत जाटव ने विधायक रहते क्षेत्र में जर्जर सड़क और पेयजल की समस्या और क्षेत्र की दूरी उनकी हार का कारण बनी.  
 
3.  सोनचिरैया अभ्यारण्य बड़ा मुद्दा बना
करैरा विधानसभा के इस चुनाव मे सौनचिरैया अभ्यारण का मुददा हावी रहा था। भाजपा इस मुददे पर लगातार आश्वासन दे रही थी जनता ने भी इस भाजपा को वोट नही दिया और उनके नेताओ को आश्वासन ही दिया।