नपा के निकम्मेपन के कारण फिर फीकी रहेगी शहर के 240 परिवारों की दीपावली: पढिए क्यो - Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका को मीडिया ने कई नाम दिए हैं। पहला भ्रष्टाचार की ब्रांड,नगरपालिका नही नरकपालिका,लापरवाही का जिंदा उदाहरण अब नपा शिवपुरी के अधिकारियो लिए शब्द कोष में एक ओर नाम जुड गया हैं वह है निकम्मा। यह शब्द बिल्कुल सटीक और चिरत्रार्थ हैं कि नपा के अधिकारियो के लापरवाही के कारण इस बार की दिपावली 240 परिवारा के लिए शुभ नही हैं उनके सपनो के आसियाने में बसने का स्वप्न फिर स्वप्न रह गया ओर उनकी दिवापली फिर फिकी रह गई। 

जैसा कि विदित हैं कि दिवाली से पहले प्रधानमंत्री आवासों में हितग्राही परिवारों का गृह प्रवेश कराना था लेकिन नगर पालिका हिलाहवाली के चलते हितग्राही को आवास नहीं दे सकी है और अब उनकी दीवाली किराए के ही मकानों में मनानी पड़ेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाएं गए मकान सिर्फ दिखावा ही साबित होते दिखाई दे रहे हैं। 

प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी (भागीदारी में किफायती आवास) घटक के तहत प्रस्तावित सभी 1030 आवास नगर पालिका अभी तक नहीं बनवा पाई है। जबकि आवास प्रोजेक्ट का काम साल 2018 में ही खत्म होना था। वर्तमान में 240 आवास बनकर तैयार हैं। 

इन 240 आवासों के बनने के बाद भी बाकी 790 आवास अभी तक नहीं बन सके हैं। इसे लेकर नगर पालिका के पास आगे की कोई योजना भी नहीं है। कंसल्टेंट कंपनी भी इस मामले में रुचि नहीं दिखा रही है। शासन-प्रशासन स्तर से भी ठोस प्रयास नहीं होने से आवास प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। आवास प्रोजेक्ट के लिए बजट की कमी के चलते ऐसा हो रहा है। 

नगर पालिका ने पिछले महीने प्लॉट बेचने के लिए टेंडर जारी कर दिए थे। इसकी पक्रिया भी दिवाली के बाद पूरी हो पाएगी। कुल मिलाकर नए साल में बजट की व्यवस्था हुई तो ही आवास प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकेगा। 1030 आवासों के लिए लोगों को 20-20 हजार रुपए जमा कराकर अपने लिए घर बुक करा दिए थे। साल 2018 में दिवाली से पहले आवास मिलना थी लेकिन साल 2019 की दूसरी दिवाली पर भी आवास नहीं मिले। अब साल 2020 की यह तीसरी दिवाली आ गई है, फिर भी लोगों को आवास नसीब नहीं हो पाए हैं।

जुलाई में आवंटित करना थे आवास
मेडिकल कॉलेज के पीछे बनकर तैयार 240 आवास जुलाई में हितग्राहियों को आंवटित करना थे। कलेक्टोरेट में मंत्री से लेकर कलेक्टर तक नगर पालिका को आवास आवंटन के निर्देश दिए थे। जुलाई के बाद तीन महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आवास आवंटित नहीं किए गए हैं।

लोग 819 आवासों की ढाई साल पहले बुकिंग कर चुके
लोगों ने ढाई साल पहले 20-20 हजार रुपए जमा करके 819 आवासों की बुकिंग कर दी थी। इसकी रकम 1.63 करोड़ रुपए आंकी जा रही है लेकिन इन लोगों को आवास अब तक नहीं मिले हैं, ऊपर से नगर पालिका बुकिंग राशि का दो फीसदी के हिसाब से 78.62 लाख रुपए से ज्यादा का ब्याज वसूल चुकी है।