फर्जी पट्टा कांड: करोडों की संपत्ति का मालिक हैं इस काण्ड में लिप्त चपरासी से बना बाबू - Shivpuri News

शिवपुरी
। जिले उजागर हुआ फर्जी पट्टा कांड में प्रतिदिन नए अपटेट सामने आ रहे हैं, इस पट्टे कांड में लिप्त आरोपियों पर तीन थानो में 4 मामले दर्ज हो चुके हैं, पुलिस अभी तक इस पटटे काडं के मुख्य आरोपी तक नही पहुंच पाई हैं,उसके संभावित ठिकानो पर पुलिस की दबिश जारी हैं।

मास्टर माइंड सत्यम अभी भी फरार, इनाम घोषित हो सकता हैं 

बैराड़ थाने के जांच अधिकारी अरविंद सिंह चौहान के मुताबिक मास्टर माइंड सत्यम उर्फ बिन्नू श्रीवास्तव के पास आयशर और तवेरा सहित एक अन्य गाड़ी हैं। तीनों ही गाड़ियां आरोपी ने बैंक से फायनेंस कराई हैं और जिनकी मोटी ईएमआई हर महीने भरता आ रहा हैं। फरार चल रहा आरोपी सत्यम जल्द ही सरेंडर नहीं करता है तो इनाम भी घोषित हो सकता हैं। जमीन घोटाले में शामिल राजस्व बाबू व कर्मचारियों की भी पुलिस जल्द गिरफ्तारी करेगी।  

चपरासी से बाबू बन प्रतापपुरी करोडों का मालिक हैं

चपरासी पद से भर्ती प्रतापपुरी ढाई साल पहले बाबू बना, अब दो - दो आलीशान मकान कलेक्टोरेट शिवपुरी की रिकार्ड शाखा में पदस्थ बाबू प्रताप पुरी के बारे में पुलिस ने छानबीन की हैं। पता चला है कि चपरासी पद से प्रताप पुरी ने अपनी नौकरी की शुरूआत की थी।

करीब दो-ढाई साल पहले ही प्रताप बाबू बना। दो मकान और उनमें दो-दो एसी लगे मिले हैं। बोलेरो गाड़ी,बुलट बाइक और फतेहपुर में एक प्लॉट भी हैं। इतने कम समय में तरक्की कैसे की यह पुलिस पूछताछ में खुलासा होगा।

आरोपियो के गिरफ्तारी के बाद खुलेंगें और कई राज
बाबू प्रताप व कौरव की गिरफ्तारी के बाद और कई राज खुलने की संभावना जताई जा रही हैं। वही इस काण्ड के मास्टर मांईड सत्यम उर्फ बिन्नू श्रीवास्तव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई हैं। इधर अभियोजन से सलाह के बाद रिकार्ड शाखा के बाबू प्रताप पुरी व सील-सिक्के लगाने वाले जीतू कौरव की गिरफ्तारी होगी।

पुलिस रिमांड में दोनों आरोपियों से पूछताछ होगी  जिससे खुलासा हो सकेगा कि उन्होंने शासकीय दस्तावेज किस माध्यम से उपलब्ध कराए तथा घोटाले में कितने कर्मचारी व बाबू और शामिल हैं। कितनी सरकारी जमीनों के फर्जी पट्टे दायरा रजिस्टर में बैक डेट में दर्ज किए हैं।

और अंत में
इस मामले की जांच जारी हैं कि आरापियो ने कितने फर्जी पटटे किए है जांच में सामने आने वाले सारे फर्जी पट्टों के आदेश खारिज होंगे एक अनुमान के मुताबिक 1250 बीघा से अधिक सरकारी जमीनें  फिर से सरकारी घोषित कर दी जाएंगी।

इसमें खास बात यह है कि फर्जी आदेश व फर्जी पट्टों पर सरकारी जमीन पर काबिज लोग यदि खुद सामने नहीं आए हैं, ऐसे में उनके खिलाफ भी पुलिस प्राथमिकी दर्ज हो सकती है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पोहरी तहसील का बाबू प्रीतम फरार हो गया हैं। जबकि कैलाश दो साल पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुका हैं। पटवारी देवेंद्र गौड़ के खिलाफ छह माह पहले से पुलिस प्रकरण पंजीबद्ध हैं।