रक्षक बने भक्षक: हरे भरें खैर के पेड़ों को कटवा रहे है फोरेस्ट के कर्मचारी, आखिर DFO क्यों दे रहे है संरक्षण / KOLARAS NEWS

हार्दिक गुप्ता कोलारस। एक तरफ तो पूरा प्रशासनिक अमला जिले में पेड लगाओ मुहिम चलाकर लाखों रूपए के पौेधे लगा रहा है। वही दूसरी और जिन पर पेडों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी है वह ही महज अपने मुनाफे के लिए पेडों की कटाई पर तुले हुए है। जंगल में हजारों सैंकडों की संख्या में पेडों को काटा जा रहा है। कुछ ऐसा ही मामला बदरवास क्षेत्र अंतर्गत आने गणेशखेडा, सोनपुरा सहित आने वाले अन्य क्षेत्रो से सामने आया है।

जहां लगातार हरे पेडों को काटा जा रहा है जिसके चलते हरे-भरे वनों का सीना लगातार छलनी होता जा रहा है। खास बात तो यह है की वन कटाई का पूरी जानकारी वन विभाग के आला अधकारियों को हैं। लेकिन दबंगों के साथ वन विभाग की भी साठ-गांठ है। जिसके चलते दबंगो को अधिकारियों का पूरा संरक्षण है।

मामले पर ग्रामीणों का कहना है कि दबंग आए दिन वन के हरे-भरे पेडों को काट रहे हैं जहां उस जमीन पर उनकी सोयाबीन और उडद की फसल लहरा रही है और वह मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। जिसका एक बडा हिस्सा वन अधकारियों को भी जाता है। जिसके शिकायत भी उन्होने कई बार की हैं। लेकिन आज दिनांक तक सिर्फ मामले को दिखवाने की कहकर टाल देते हैं और दबंगों पर कार्यवाही नहीं होती। कुल मिला कर माना जाए तो पूरा सिस्टम वन विभाग के आला अधिकारियों और दबंगो की दबंगाई से चल रहा है। जिसके चलते दोनो ही तरफ मोटा मुनाफा आ रहा है।

इनका कहना है
यह जगह आप हमें बता दें में वहां पता लगवा लेता हूं। हां मुख्यमंत्री पट्टे के चलते हमारे यहां कुछ आदिवासी जमींनों पर कब्जा करना चाहते है। जिन्हें हम बेदखल कर रहे है। अगर हरे पेड काटने की बात है तो उसे में दिखबा लेता हूं।
शेलेन्द्र सिंह,रेंजर फोरेस्ट रेंज बदरवास