किस नजर से होती हैं समीक्षा बैठक: शहर में चल रही योजनाएं ठप, अब कीचड़ में शहर / SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। आपने अक्सर समाचार पत्रो में पढा होगा कि आज समीक्षा बैठक आयोजन किया गया। इसमें जिले में चल रहे प्रोजेक्टो की समीक्षा की गई। शहर के चल रहे वर्तमान प्रोजेक्टो पर नजर करे तो समीक्षा बैठक प्रभावहिन नजर आती हैं। आखिर किस नजर से होती हैं यह बैठक......

शहर में चल रही आधा दर्जन से अधिक योजनाओं का कार्य पिछले चार माह से पूर्ण रूप से बंद पड़ा हुआ हैं। इतना ही नहीं शहर में सिंध जलावर्धन योजना के नाम पर पूरे शहर को खोद कर मुख्य लाईन तो बिछा दी गई हैं, लेकिन शहर की प्रत्येक वार्ड में सी.सी. सड़कों को खोद दिया गया इतना ही नहीं नालियां भी टूट गई हैं।

जिससे के कारण इस बारिश के मौसम में वार्डों के नागरिक काफी परेशान बने हुए हैं। कई निचली बस्तियों में नालियां टूट जाने के कारण नागरिकों के घरों में गंदगी तक प्रवेश कर रही हैं जो नागरिकों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं।

जिसकी जानकारी नगर पालिका अधिकारियों को होने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। जबकि कहने के लिए नगर पालिका के प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जिलाधीश अनुग्राह पी ही स्वयं अधिकारी हैं। फिर भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।

शहर के सौन्दर्यीकरण के लिए बनाई जा रही,थींम रोड़ का कार्य भी बंद

वहीं शहर के बीचों बीच से गुजरने वाली थींम रोड़ का कार्य भी अधर में लट गया हैं। जबकि इस कार्य के शुभारंभ अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया के समक्ष अधिकारी द्वय द्वारा 6 माह में कार्य को पूर्ण करने का वायदा किया था।

लेकिन जब से अभी तक एक वर्ष होने जा रहा हैं, लेकिन आज तक इस कार्य में सिर्फ थोड़ी से नाली का निर्माण जरूर हुआ हैं, लेकिन आज भी इस थीम रोड़ का कार्य अधर में ही लटका पड़ा हैं। अब देखना यह हैं कि अधिकारीद्वय इस रोड़ के कार्य को कब तक प्रारंभ करायेंगे।

सीवर प्रोजेक्टर में ठेकेदारों का रूका 3 करोड़ से अधिक का भुगतान

पिछले काफी समय से शहर में चल रहे सीवर प्रोजेक्ट के कार्य की गति भी धीमी पड़ गई हैं इतना ही नहीं शहर में चल सीवर प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाए जा रहे टीमेंट प्लाट का कार्य भी बंद ही पड़ गया हैं। वहीं शहर में डाली जा रही सीवर लाईन के कई चेम्बर फूटे पड़े हुए हैं, लेकिन आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं।

न ही कई ऐरियों में लाईन तक नहीं बिछाई गई हैं। जब इस संबंध पीएचई के ईई श्री बाथम फोन पर चर्चा की तो उनका कहना था कि ठेकेदारों को अक्टूबर माह से भुगतान नहीं हुआ हैं। अभी तक लगभग 3 करोड़ रूपए का भुगतान शेष हैं। इसलिए ठेकेदारों ने कार्य की गति धीमी कर दी हैं।

पीडब्ल्यूडी की सड़कों का कार्य भी बंद

शहर में लगातार विकास की गति को अनवत रूप से जारी रखने के लिए झांसी रोड़ पर भी फोर लाईन का कार्य प्रारंभ किया था, लेकिन यहां भी एक तरफ की सड़क का बनकर तैयार हुई हैं। लेकिन आधी सड़क आज भी खुदी पड़ी हुई हैं। जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं।

इतना ही नहीं चार सड़कें फोर लाईन की स्वीकृत हुई थी जिसमें एक भी सड़क का कार्य ठीक से चालू नहीं हो पाया उससे पहले ही बंद हो गया वहीं शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाली थीम रोड़ का कार्य भी ठेकेदार का भुगतान न होने के कारण बंद पड़ा हुआ हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता हैं कि जिले में इन दिनों सारे विकास कार्य ठप्प हो गए हैं। जिलाधीश का इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही हैं।