शिवपुरी। राजस्थान सरकार द्वारा बुधवार को राज्य की सीमा पर आवाजाही में सख्ती करने के आदेश के बाद शिवपुरी में यह अफवाह बड़े जोरों पर फैल गई कि मध्यप्रदेश में भी कर्फ्यू लगने वाला है। इसका असर यह हुआ कि शिवपुरी में गुटखा लेने वालों की भीड़ पुराना बस स्टेंड क्षेत्र में स्थित गुटखा व्यापारियों की दुकानों पर लग गई और इस अफवाह का फायदा गुटखा व्यापारियों ने तुरंत ही उठाना शुरू कर दिया।
व्यापारियों ने गुटखे के पैकेट अपने गोदामों में स्टॉक कर लिए और ब्लैक मार्केटिंग शुरू कर दी। राजश्री का 175 रूपए में बिकने वाला पैकेट 230 रूपए में बिकना शुरू हो गया और बुधवार को शाम होते-होते व्यापारियों ने दुकानदारों से माल खत्म होने का हवाला देकर अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। आज सुबह शहर के पुराने बस स्टेंड क्षेत्र में स्थित गुटखा दुकानों पर छोटे दुकानदारों का जमावड़ा लग गया। जिन्हें न तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रहा और न ही व्यापारियों को।
विदित हो कि 22 मार्च को देश में लॉकडाउन - 1 प्रारंभ हुआ था और 31 मई तक चला। इस दौरान सभी दुकानें बंद रही और लॉकडाउन को हर व्यापारी ने एक त्यौहार के रूप में मनाया। सर्वाधिक मुनाफाखोरी गुटखा व्यापारियों ने की और लॉकडाउन के दौरान 175 रूपए में बिकने वाला राजश्री गुटखे का पैकेट 900 रूपए तक बिका।
वहीं 190 का पैकेट 1 हजार रूपए में बेचा गया। वहीं छोटे दुकानदारों ने महंगा माल खरीदकर 10 रूपए राजश्री 45 से 50 रूपए में और 20 रूपए वाली राजश्री 95 से 100 रूपए तक बेची। इस कोरोना काल में व्यापारियों ने 5 गुना से अधिक मुनाफा कमाया। लेकिन 1 जून से अनलॉक-1 प्रारंभ हुआ तो गुटखों के दाम पूर्व की तरह हो गए। लेकिन बुधवार को जैसे ही राजस्थान राज्य की सीमाओं पर सख्ती की घोषणा हुई तो बड़ा लॉकडाउन लगने की अफवाह शहर में फैल गई।
जिसका नतीजा यह हुआ कि मुनाफाखोरों ने माल जमा करना शुरू कर दिया और गुटखों के दामों में भी बढ़ोत्तरी कर दी। व्यापारियों को छोटे दुकानदारों को जबाव था कि राजस्थान में सीमाएं सील होने से विमल की खेप आनी बंद हो गई है और उनका माल भी खत्म हो गया है। अब एजेंसी से ही उन्हें बढ़े हुए दामों में माल मिल रहा है तो वह कैसे पुरानी रेट में बेच सकते हैं। वहीं रिटेलरों ने भी अफवाह सुनकर व्यापारियों से एक-एक बोरे का सौदा करना शुरू कर दिया। जिससे व्यापारियों ने माल देना बंद कर दिया। कई व्यापारी अपने गोदामों में स्टॉक रखकर मुनाफाखोरी की योजना बनाने लगे।
15 जून से लॉकडाउन की कोरी अफवाह
राजस्थान की सीमा सील होने के साथ ही सोशल मीडिया पर 15 जून से लॉकडाउन की अफवाह उडऩी शुरू हो गई। जिसका नतीजा यह हुआ कि व्यापारियों ने मार्केट में माल की खपत बंद कर स्टॉक शुरू कर दिया। लेकिन लॉकडाउन होने की बात कोरी अफवाह है। कलेक्टर का अनुग्रह पी का कहना है कि किसी तरह से कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जा रहा है। इसलिए आमजन किसी के बहकावे में न आएं।
शक्कर, तेल और आटा सहित दालों के दाम बड़े
सोशल मीडिया पर 15 जून को लॉकडाउन की अफवाह के बाद किराना व्यापारियों ने भी राशन के दाम बढ़ा दिए। शक्कर पहले 34 रूपए प्रति किलो के हिसाब से बेची जा रही थी, वह अब 40 रूपए तक पहुंच गई है। तेल के दामों में भी इजाफा कर दिया गया है। आटे और दालों के दाम भी व्यापारियों ने बढ़ा दिए हैं। कई बड़े-बड़े व्यापारियों ने तो गोदामों में भंडारण कर लिया है और वह मुनाफाखोरी के चक्कर मेें माल शॉर्ट कर रहे हैं। प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
इनका कहना है-
हमारे द्वारा व्यापारियों को राजश्री का माल वास्तविक दर पर दिया जा रहा है। 10 रूपए वाली राजश्री का पैकेट 175 रूपए में और 20 रूपए वाली राजश्री का पैकेट 187 रूपए में उपलब्ध है और किसी तरह से भी माल की कोई कमी नहीं है। एजेंसी पर जो भी दुकानदार माल लेने आ रहा है, उसे सुलभता के साथ माल उपलब्ध हो रहा है। ब्लैक मार्केटिंग अगर कुछ व्यापारी कर रहे हैं तो यह गलत है। क्योंकि हम उन्हें वास्तविक दर पर ही आज भी माल उपलब्ध करा रहे हैं।
अनिल डैंगरे, राजश्री एजेंसी संचालक
अगर शहर में गुटखे सहित राशन की कालाबाजारी की जा रही तो ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी और उनके गोदामों की जांच कराई जाएगी। इस कालाबाजारी से संबंधित जो भी जानकारी है, वह आप व्हॉट्सएप कर दीजिए में मामले को दिखवाती हूं।
अनुग्रह पी, कलेक्टर शिवपुरी

