उपज खरीदी केन्द्रों में हुए भष्टाचार को लेकर किसान संघ ने सौंपा ज्ञापन, कहा कार्रवाई करो / Shivpuri News

शिवपुरी। शिवपुरी जिले में गेहूं, धान, चाना, मसूर, सरसों आदि के खरीदी केन्द्रों पर हुए किसानों के शोषण तथा भ्रष्टाचार के आरोप में जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक वायके सिंह के खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई हो सकती है।

इस संबंध में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष कल्याण सिंह यादव के नेतृत्व में किसान संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को ज्ञापन सौंपकर उन्हें अवगत कराया कि श्री सिंह ने खरीद केन्द्रों को भ्रष्टाचार की खुली छूट दे रखी है।

जिसके एवज में उनको चने पर 20 रूपए प्रति क्विंटल तथा गेहूं पर 10 रूपए प्रति क्विंटल की राशि प्राप्त होती है। इसकी पुष्टि शाखा प्रबंधक श्री किशन शर्मा के वायरल वीडियो से स्वत: होती है। इससे स्पष्ट है कि श्रीकिशन शर्मा भी बैंक महाप्रबंधक द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार में एक कड़ी है। श्री यादव ने बताया कि मंत्री महोदय ने उन्हें वायके सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

किसानों की समस्या को लेकर भारतीय किसान संघ ने कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा था। जिसमें अवगत कराया  गया था कि गेहूं उपार्जन में पंजीकृत किसानों में से 3 लाख किसान अपनी उपज को सरकारी खरीद केन्द्र पर समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित रह गए हैं।

इसका कारण उपार्जन की समय सीमा कम थी और तोल कांटे एवं स्टाफ की कमी भी थी। गेहूं बेचने से वंचित किसानों से अपना गेहूं मंडी में 1500 से लेकर 1700 रूपए क्विंटल में बेचा और उन्हें 200 से 400 रूपए प्रति क्विंटल की हानि उठानी पड़ी। धान, गेहूं, चना, मसूर, सरसों के खरीदी केन्द्रों पर जिन किसानों का माल लिया गया है। उनका पैसा अभी तक रूका हुआ है।

जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मूंग, उड़द, मक्का की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं की गई है। जिससे किसान परेशानी महसूस कर रहे हैं। जिन किसानों के राष्ट्रीयकृत बैंक एवं सहकारी बैंकों में खाते हैं, उनको लेनदेन से रोका गया है, जो कि गलत है।

जिला शिवपुरी के अनेक किसानों ने उपज खरीदी में किए जा रहे भारी भ्रष्टाचार के बारे में भारतीय किसान संघ को अवगत कराया है और जांच में स्पष्ट हुआ है कि इसके लिए महा प्रबंधक सहकारी बैंक पूरी तरह जिम्मेदार है।