गिर्राज शर्मा@ शिवपुरी। खबर जिला चिकित्सालय शिवपुरी से आ रही है। जहां इस कोरोना काल में जिला चिकित्सालय शिवपुरी रैफर टू ग्वालियर बनकर रह गया है। आज जिला चिकित्सालय का जो मामला सामने आया है वह चौकाने बाला है। यहां आज दुर्घटना में घायल युवक को महज मामूली फ्रैक्चर होने पर ड्यूटी डॉ. चौधरी ने बिना इलाज किए ग्वालियर रैफर कर दिया और कहा कि शिवपुरी में इलाज नहीं है। तुम भिंड के रहने वाले हो इसलिए ग्वालियर में ही इलाज कराओ।
जबकि घायल का कहना था कि उसे इतनी चोटें नहीं आई हैं। जिसका इलाज ग्वालियर जाकर कराना पड़े। तत्कालिक रूप से उसे शिवपुरी अस्पताल में ही इलाज मिलेगा तो वह जल्दी ठीक होकर अपने चले जाएंगे। लेकिन अस्पताल में उनकी कोई बात नहीं सुनी गई। खास बात यह है कि अस्पताल में चार-चार हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ हैं। जिनमें दो डॅाक्टर ओपी शर्मा और आलोक श्रीवास्तव जिला अस्पताल में कार्यरत हैं। वहीं सोनेंद्र शर्मा और पंकज शर्मा मेडीकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं और ये दोनों भी हड्डी रोग विशेषज्ञ हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल तक नहीं बुलाया गया।
बताया गया है कि भिंड निवासी रामकिशन पुत्र सुखपाल जाटव की भतीजी बहू का भिड में देहवसान हो गया था। जिनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए रामकिशन अपनी कार से भिंड जा रहे थे। दोनों इंदौर से वापस लौट रहे थे और आज सुबह 5 बजे उनकी कार का गणेश आश्रम के पास एक्सीडेट हो गया। घायलों को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया।
जहां रामकिशन ने ड्यूटी डॉक्टर के अनुपस्थित होने पर वहां कार्यरत मेडीकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर चौधरी को दिखाया। घायल रामकिशन जाटव का आरोप है कि डॉ. चौधरी ने उन्हें बिना देखे ही ग्वालियर रैफर कर दिया और कहा कि शिवपुरी से अच्छा इलाज ग्वालियर में मिलेगा। इसलिए वहीं इलाज कराएं। जाटव का कहना था कि उन्होंने डॉक्टर से कहा कि उनका पैर फैक्चर है। इसलिए यहीं किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ को बुलाकर उनका इलाज कराया जाए और ग्वालियर रैफर न किया जाए। लेकिन जूनियर डॉक्टर ने उनकी एक न मानी और बिना इलाज किए ही ग्वालियर भेज दिया।
