गर्मी की छुट्टीयों में ONLINE CLASS से छात्र सहित परिजन परेशान, कहीं यह फीस वसूलने का तरीका तो नहीं

शिवपुरी। इन दिनों पूरा देश कोरोना से लड रहा है। वहीं कुछ तथाकथित बडे विद्यालयों द्धारा नन्हें-मुन्हें बच्चों पर ग्रीष्मकालीन अवकाश में ऑनलाइन क्लास का बोझ डाला जा रहा है। अप्रैल माह में जब क्लासेस होनी चाहिए थीं तब स्कूलों ने कोई निर्णय नहीं लिया लेकिन, अब जबकि शासन द्धारा ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया गया है तो स्कूलों द्धारा बच्चों के पास ऑनलाइन वीडियों बनाकर भेजी जा रही है।

कहा जा रहा है कि ये याद करना है और इसके नोटस बनाना जरूरी है। जब आपका स्कूल खुलेगा तब चेक किये जायेंगे। समस्या ये है कि एक तो इन वीडियों की क्वालिटी  अच्छी नहीं है। दूसरा ये क्लास वन साइड है जिसमें टीचर किसी भी टॉपिक को बोर्ड पर पढाता है और फिर विद्यार्थियों को कहता है कि इसे नोटबुक में लिख लेना।

ऐसे में यदि बच्चे को समझ में ना आ रही हो तब भी उसे करना जरूरी होगा। जिसमें बच्चों के साथ-साथ, माता-पिता भी किसी को शिकायत नहीं कर पा रहा है। कहीं ये अप्रैल, मई,जून,की फीस लेने का तरीका तो नहीं ये एक विचारणीय प्रश्न है। शासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।