अमृत के संपर्क में आया स्टाफ क्वारंटीन, जिला चिकित्सालय में लू का पेशेंट मानकर ICU में भर्ती किया था

शिवपुरी। बीती रात्रि जिला चिकित्सालय में बेंटीलेटर पर संघर्ष करते हुए मौत से हारे अमृत ने देर रात्रि दम तोड दिया। इस युवक की मौत के बाद हडकंप मच गया। तत्काल में पूरे अस्पताल को सेनेटाईज किया गया। इसकी मौत के बाद जो लोग इसके संपर्क में आए है वह अब डर गए है। इसके संपर्क में आए लोगों को अब इसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसके संपर्क में आए कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र के स्टाफ को तत्काल क्वारंटीन कर दिया है।

जानकारी के अनुसार गुजरात के सूरत से उत्तरप्रदेश के बस्ती जिले में जाने के लिए ट्रक में सवार होकर निकले मजदूर की रात्रि में शिवपुरी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक अमृत कुमार पुत्र रामचरण उम्र 24 वर्ष को काफी तेज बुखार था और उसमें कोरोना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे थे। जिसे कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने शुक्रवार की शाम उसे शिवपुरी रैफर कर दिया । जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया और रात्रि करीब साढ़े 12 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल में हडक़म्प मच गया । बाद में सफाईकर्मियों ने मृतक की बॉडी को सेनिटाईज करने के बाद पूरे आईसोलेशन वार्ड और अस्पताल के अन्य वार्डो को सेनिटाईज किया।

बताया गया है कि अमृृत पुत्र रामचरण निवासी बंदीवलास जिला बस्ती उत्तरप्रदेश अपने मित्र मो. कय्यूम पुत्र मो. यूनुस के साथ सूरत मेें स्थित कपड़ा फैक्ट्री में कपड़ा बुनने का काम करता था। लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद हो गई तो दोनों ने अपने घर जाने का निर्णय लिया और सूरत से एक ट्रक चालक ने उनसे ४-४ हजार रूपए किराया लिया। ट्रक मेें और भी मजदूर सवार थे और ट्रक चालक उन्हें नासिक इंदौर होते हुए कानपुर ले जा रहा था।

अमृत के साथ मौजूद उसके साथी मो. कय्यूम ने बताया कि इसी दौरान अमृत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिससे उसे तेज बुखार और उल्टी जैसी स्थिति निर्मित हो गई। शिवपुरी जिले की सीमा में प्रवेश करते हुए ट्रक में बैठे ५५ से ६० अन्य मजदूरों ने विरोध करना शुरू कर दिया और अमृत को उतारने की जिद करने लगे। जिस पर ट्रक चालक ने अमृत को ट्रक से पडोरा चौराहे पर उतार दिया। जिस पर उसके मित्र मो. यूनुस ने आपत्ति जताई।

लेकिन ट्रक चालक ने उसे भी ट्रक से उतार दिया। इसके बाद मो. कय्यूम उसे अपनी गोद में लेटाकर सडक़ पर बैठ गया। इसी दौरान भाजपा नेता सुरेंद्र शर्मा का वहां से गुजरना हुआ जिन्होंने दोनों मजदूरों को सडक़ पर देखा तो वह उनका हालचाल जानने रूक गए। जहां उन्हें ज्ञात हुआ कि  अमृत की हालत काफी खराब है।

इसलिए उन्होंने तुरंत ही एंबुलेंस बुलाई और उसे कोलारस अस्पताल भेज दिया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे शिवपुरी रैफर कर दिया और शिवपुरी में शाम ५ बजे अमृत को लाया गया। जिसे वेंटिलेटर पर रख दिया गया। ७ घंटे तक अमृत वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से लड़ता रहा। अंत में रात करीब साढ़े १२ बजे अमृत की मौत हो गई।

डॉक्टरों ने लू का मामला मानकर आईसीयू में किया इलाज

अमृत को गंभीर हालत मेें कोलारस से शिवपुरी लाया गया था। जिसका चैकअप डॉक्टरों ने किया और माना की अमृत कुमार को लू लगी है और इसी आधार पर डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर लिया। जहां उसका इलाज किया गया। इस दौरान आईसीयू स्टाफ सहित कई लोग उसके सम्पर्क में आए। अगर अमृत कुमार की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वह डॉक्टर और नर्से खतरे में पड़ सकती हैं।

जिम्मेदारों के मोबाइल बंद, सफाईकर्मियों ने मृतक के शव को पीएम हाऊस भेजा

अमृत की रात में मौत होने की सूचना अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। साथ ही सूचना मिलने के बाद सीएमएचओ अर्जुनलाल शर्मा सहित आरएमओ डॉॅ. राजकुमार ऋषिश्वर ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। जब सफाईकर्मी और मौजूद स्टाफ का सम्पर्क अधिकारियों से नहीं हुआ तो सफाईकर्मियों ने आईसोलेशन वार्ड से अमृत के शव को पॉलिथिन में पैक कर शव वाहन में रखा और उसे पीएम हाऊस भेजा।