खुला खत:मेडम ऐसे नही होते कलेक्टर, किसी के मनोबल का गला नही घोटा जाता | Shivpuri News

खुला-खत @सतेन्द्र उपाध्याय। आज पूर्ण लॉकडाउन का दिन था। कम शब्दो मे बात करे तो मेडिकल सेवाओ के अतिरिकत सब बंद था। कलेक्टर मेडम की घोषणा के अनुरूप आज शहर में सेनिटाईज होना था या यू कह ले कि आज संडे को सेनेटाईज डे में कनवर्ड किया गया था। आज शहर मे 12 से अधिक मशीनो ने सेनेटाईज किया।

शाम को सरकारी पत्रकार अर्थात पब्लिक रिलेशन आफिसर के दफ्तर से एक प्रेस नोट आया जिसमें लिखा गया कि आज शहर को सेनेटाईज किया गया,इस खबर में एक फोटो जिसमे कलेक्टर मेडम के हाथो में लेजम पकडे एक मकान को सेनेटाईज किया गया।

सरकारी पत्रकार ने सरकारी आफिस से भेजे गए प्रेसनोट में लिखा था कि आज शहर को नगर पालिका ने सेनेटाईज किया गया। शहर के प्रमुख चौराहे,गली मोहल्लो को सेनेटाईज किया गया। इस प्रेस नोट में कही से कही तक उन कोरोना फाईटरो का ज्रिक नही किया जिन्होने सबसे पहले शहर में सेनेटाईज का काम शुरू किया गया।

आपको यह जानकरी वेहद आश्चर्य होगा कि नपा के पास सेनेटाईज की मशीन नही हैं,एक मशीन जुगाड से बनाई हैं। अब वह पूरे शहर को कैसे सेनेटाईज करेंगी। केवल एक फॉग मशीन हैं उससे शाम का धुआ अवश्य छोडा जाता हैं,सेनेटाईज होता हैं पता नही,लेकिन मच्छर अवश्य मर जाते हैं। अगर प्रशासन पर सेनेटाईज की मशीन होती तो कलेक्टर महोदय का फोटो केवल लेजम पकडे नही आता मशीन का भी फोटो आ जाता।

सत्य हैं कि आज शहर में 12 टेक्टरो पर बनाई गई मशीनो से सेनेटाईज किया गया। यह मशीन आई थी कोलारस से, प्रशासन का इसमें कोई सहयोग नही था,यह मशीन शुद्ध समाज सेवा में आई थी।

सबसे पहले अपने पैसो से मशीन बनाकर और उससे सेनेटाईज का काम किया शहर के एक युवा रानू रघुवंशी ने। उसके बाद कोलारस के सिख समाज के चीमा एंड ग्रुप ने कोलारस को सेनेटाईज किया। इसके बाद कलेक्टर शिवपुरी ने सिख समाज के युवाओ उनके 12 टेक्टरो सहित आज 5 अप्रैल को शहर को सेनेटाईज करने बुलाया।

शहर की आम पब्लिक ने इनका स्वागत किया और सम्मान किया। नगर पालिका की इन पर इतनी कृपा रही कि पानी समय पर इन टेक्टरो को पानी दिया। कहने का मतलब सीधा सा हैं कि जब आज जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से एक सरकारी प्रेस नोट जारी कर कहा गया कि आज नगर पालिका शिवपुरी द्धारा शहर को सेनेटाईज किया गया। जबकि इस पूरे प्रेस नोट में शहर के असल कोरोना फायटरो का जिक्र तक नहीं किया गया।

आज इन युवाओ ने अपने पैसे अपने संसाधनो से शहर को सेनेटाईज किया। कलेक्टर महोदय को आज का सेनेटाईज का प्रेसनोट इन कोरोना फाईटरो के नाम करना था। पर ऐसा नही किया गया। इस समय जितना प्रशासन इस कोरोना से लडने के लिए कर रहा हैं उतना ही ऐसे समाज सेवी कर रहे हैं,इनका उत्साह वर्धन करना था,किसी के मनोबल का ऐसे गला नही घोटा जाता है।