पिछोर। पिछोर अनुविभाग के बामौरकलां में भोपाल से करीब 250 किमी की पदयात्रा करके 25 मजदूर शुक्रवार की रात 8 बजे बामौरकलां पहुंचे। रास्ते भर कहीं भी भोजन नहीं मिला। थके हारे इन मजदूरों को बामौरकलां पहुंचने पर पुलिस और प्रशासन ने भोजन मुहैया कराया। सभी को रात रुकने के लिए कैंप में व्यवस्था कराई है।
पांच दिनों से किसी ने नहाया तक नहीं था, इसलिए बामौरकलां आने पर सभी ने ठीक से नहाया और राहत की सांस ली। बामौरकलां थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह चौहान व सचिव मनमोहन शर्मा ने मंडी के पास 25 लोगों के साथ आते देखकर रोका और पूछताछ की।
तब युवकों ने बताया कि वे मजदूरी करने भोपाल गए थे। लॉक डाउन में फंसे रहे गए। भूखों मरने से बेहतर पैदल ही घर के लिए चल लिए। पांच दिन में 250 किमी का सफर किया है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जाना है।
पांच दिनों से किसी ने नहाया तक नहीं था, इसलिए बामौरकलां आने पर सभी ने ठीक से नहाया और राहत की सांस ली। बामौरकलां थाना प्रभारी रामेंद्र सिंह चौहान व सचिव मनमोहन शर्मा ने मंडी के पास 25 लोगों के साथ आते देखकर रोका और पूछताछ की।
तब युवकों ने बताया कि वे मजदूरी करने भोपाल गए थे। लॉक डाउन में फंसे रहे गए। भूखों मरने से बेहतर पैदल ही घर के लिए चल लिए। पांच दिन में 250 किमी का सफर किया है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जाना है।
