शिवपुरी। इस समय देश लॉकडाउन मोड में हैं,देश कोरोना के संक्रमण से लड रहा हैं। शादी वालो के घर में वधु की आगमन की जगह कोरोना का संक्रमण का अवागमन नही हो जाए इस कारण हमारे रीती रिवाजो को कोरोना के नियमो ने स्थिल कर दिया। अब शादी तो होगी,लेकिन रिवाजो के हिसाब से नही लॉकडाउन के कानून के हिसाब से।
अभी तक जिले में 100 परिवारो ने सशर्त अनुमति प्रशासन ने हासिल करने की खबर आ रही हैं आगे भी यह आकडा बड सकता हैं। लॉकडाउन में होने वाली शादियो में न बैंड होगा,ना बाजा,ना नाच होगा ना गाना होगा। दूल्हां घोडी भी नही चढ सकता हैं। शादी घर में ही होगी। शादी में पंडित जी सहित टोटल 20 लोगो को शादी में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है।
लॉकडाउन के नियमो के हिसाब से बात करे तो शादी में सम्मिलत होने वाले लोगो को सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा,1 मीटर की दूरी रखनी होगी। सैनिटाईजर भी रखना होगा। 1 मीटर की दूरी का पालन दूल्हा और दुल्हन को भी करना पडेंगा। अब एक बात समझ में नही आ रही हैं। हिन्दू धर्म की शादियो में कन्यादान करने की एक महप्वपूर्ण परम्परा हैं,शादी कैसी भी हो,कन्यादान अवश्य होता है।
अगर दूल्हा और दूल्हन 1 मीटर की सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगेंं। तो कन्यादान होना असंभव हैं क्यो कि इस महत्वपूर्ण रस्म में कन्या के माता—पिता अपने हाथो में कन्या का हाथ लेकर दूल्हे के हाथ में रखते हैं,पंडित जी मंत्रो का उच्चाकरण करते हैं। वेदो की ऋचाओ रूपी मंत्र पढे जाते हैं।
माता—पिता के हाथो पर कन्या का हाथ होता हैं और वह दूल्हा के हाथो में सौप देते हैं अर्थात दान कर देते हैं एक साथ चार हाथ आपस में मिलेंगें जब ही इस परंपरा का पूर्ण होना तया हैं अगर 1 मीटर की दूरी होगी तो यह कैसे संभव होगा।
दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परंपरा हैं जो आम कहावत में कही हाथ जाती हैं बस बेटी के हाथ पीले हो जाए सारी जिम्मेदारी से निबट जाउंगा। हाथ पीले करने की महत्वपूर्ण रस्म में कन्या के हाथ हल्दी से पीले किए जाते हैं। अब कन्या के हाथ कैसे पीले होंगें। समझ से परे है। कैसे दूल्हा और दूल्हन के पांव पूजन का कार्यक्रम होगा। ओर भी ऐसी कई रस्मे हैं जिनमे 1 मीटर की दूरी बनाना असंभव हैं।
यह है अब शादी करने के लिए कानून
ना बैंड,ना बाजा,ना बरात,ना नाच ना गाना,1 मीटर की दूरी,3 घंटे के अंदर शादी की सारी रस्मे निभानी होंगी। शादी घर पर ही करनी होगी,किसी भी प्रकार का भोज नही होगा। शादी में सभी को मास्क लगाना अनिवार्य हैं। ना दूल्हन डोली में बैठेंगी और ना ही दूल्हा घोडी चढ सकेंगा।
यह हैं शादी की अनुमतियो की स्थिती
जिले के पांचों अनुविभाग में 100 से अधिक विवाह की अनुमति अब तक ली गई है। इनमें शिवपुरी एसडीएम कार्यालय से 30, पोहरी में 5, करैरा में 20, कोलारस में 20 व पिछोर में 25 ली गई है। ये अनुमतियां 26 अप्रैल यानि अक्षय तृतीया से लेकर 27 अप्रैल, 4, 5 व 6 मई तक के सहालग की हैं।
यानि फिलहाल निरधारित 3 मई के लॉकडाउन के बाद की भी अनुमति ली गई है, क्योंकि लोग मानकर चल रहे हैं कि लॉकडाउन की अवधि और बढ़ेगी। अब तक जो अनुमतियां ली गई हैं, उनमें गरीब और सामान्य परिवार के ही लोग हैं। विवाह घर संचालकों की मानें तो अधिकांश रसूखदार लोगों ने अपने विवाह समारोह जो इन दिनों आयोजित होने थे, उन्हें टाल दिया है।
वर पक्ष जिले के बाहर गया तो सिर्फ दूल्हा सहित 4 को अनुमति
मामले में जिले से बाहर जाने वाले वर पक्ष के लिए एक और बाध्यता है। कोलारस एसडीएम आशीष तिवारी ने बताया कि जिले से बाहर सिर्फ आसपास के जिलों में ही वर पक्ष को विवाह के लिए जाने की सशर्त अनुमति होगी। उस पर भी वर पक्ष सिर्फ एक वाहन में दूल्हा सहित 4 लोग ही जा सकेंगे।
अभी तक जिले में 100 परिवारो ने सशर्त अनुमति प्रशासन ने हासिल करने की खबर आ रही हैं आगे भी यह आकडा बड सकता हैं। लॉकडाउन में होने वाली शादियो में न बैंड होगा,ना बाजा,ना नाच होगा ना गाना होगा। दूल्हां घोडी भी नही चढ सकता हैं। शादी घर में ही होगी। शादी में पंडित जी सहित टोटल 20 लोगो को शादी में शामिल होने की अनुमति दी जा रही है।
लॉकडाउन के नियमो के हिसाब से बात करे तो शादी में सम्मिलत होने वाले लोगो को सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा,1 मीटर की दूरी रखनी होगी। सैनिटाईजर भी रखना होगा। 1 मीटर की दूरी का पालन दूल्हा और दुल्हन को भी करना पडेंगा। अब एक बात समझ में नही आ रही हैं। हिन्दू धर्म की शादियो में कन्यादान करने की एक महप्वपूर्ण परम्परा हैं,शादी कैसी भी हो,कन्यादान अवश्य होता है।
अगर दूल्हा और दूल्हन 1 मीटर की सोशल डिस्टेंस का पालन करेंगेंं। तो कन्यादान होना असंभव हैं क्यो कि इस महत्वपूर्ण रस्म में कन्या के माता—पिता अपने हाथो में कन्या का हाथ लेकर दूल्हे के हाथ में रखते हैं,पंडित जी मंत्रो का उच्चाकरण करते हैं। वेदो की ऋचाओ रूपी मंत्र पढे जाते हैं।
माता—पिता के हाथो पर कन्या का हाथ होता हैं और वह दूल्हा के हाथो में सौप देते हैं अर्थात दान कर देते हैं एक साथ चार हाथ आपस में मिलेंगें जब ही इस परंपरा का पूर्ण होना तया हैं अगर 1 मीटर की दूरी होगी तो यह कैसे संभव होगा।
दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परंपरा हैं जो आम कहावत में कही हाथ जाती हैं बस बेटी के हाथ पीले हो जाए सारी जिम्मेदारी से निबट जाउंगा। हाथ पीले करने की महत्वपूर्ण रस्म में कन्या के हाथ हल्दी से पीले किए जाते हैं। अब कन्या के हाथ कैसे पीले होंगें। समझ से परे है। कैसे दूल्हा और दूल्हन के पांव पूजन का कार्यक्रम होगा। ओर भी ऐसी कई रस्मे हैं जिनमे 1 मीटर की दूरी बनाना असंभव हैं।
यह है अब शादी करने के लिए कानून
ना बैंड,ना बाजा,ना बरात,ना नाच ना गाना,1 मीटर की दूरी,3 घंटे के अंदर शादी की सारी रस्मे निभानी होंगी। शादी घर पर ही करनी होगी,किसी भी प्रकार का भोज नही होगा। शादी में सभी को मास्क लगाना अनिवार्य हैं। ना दूल्हन डोली में बैठेंगी और ना ही दूल्हा घोडी चढ सकेंगा।
यह हैं शादी की अनुमतियो की स्थिती
जिले के पांचों अनुविभाग में 100 से अधिक विवाह की अनुमति अब तक ली गई है। इनमें शिवपुरी एसडीएम कार्यालय से 30, पोहरी में 5, करैरा में 20, कोलारस में 20 व पिछोर में 25 ली गई है। ये अनुमतियां 26 अप्रैल यानि अक्षय तृतीया से लेकर 27 अप्रैल, 4, 5 व 6 मई तक के सहालग की हैं।
यानि फिलहाल निरधारित 3 मई के लॉकडाउन के बाद की भी अनुमति ली गई है, क्योंकि लोग मानकर चल रहे हैं कि लॉकडाउन की अवधि और बढ़ेगी। अब तक जो अनुमतियां ली गई हैं, उनमें गरीब और सामान्य परिवार के ही लोग हैं। विवाह घर संचालकों की मानें तो अधिकांश रसूखदार लोगों ने अपने विवाह समारोह जो इन दिनों आयोजित होने थे, उन्हें टाल दिया है।
वर पक्ष जिले के बाहर गया तो सिर्फ दूल्हा सहित 4 को अनुमति
मामले में जिले से बाहर जाने वाले वर पक्ष के लिए एक और बाध्यता है। कोलारस एसडीएम आशीष तिवारी ने बताया कि जिले से बाहर सिर्फ आसपास के जिलों में ही वर पक्ष को विवाह के लिए जाने की सशर्त अनुमति होगी। उस पर भी वर पक्ष सिर्फ एक वाहन में दूल्हा सहित 4 लोग ही जा सकेंगे।
