नही मिली सरकारी मदद तो सासू बहू जुट गई अपना शौचालय बनाने के लिए | Shivpuri news

शिवपुरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खुले में शौचमुक्ति के लिए शुरू किए गए स्वच्छता मिशन में शिवपुरी की सास-बहू की जोड़ी ने नई इबारत लिख दी है। यहां आर्थिक तंगी और परिवार के पुरुष सदस्य के पास समय का अभाव देख सास-बहू ने खुद ही हाथों में औजार थामे और शौचालय का निर्माण शुरू कर दिया।

50 वर्षीय सास सावित्री ईंट-पत्थर लाती हैं,मसाला तैयार करती हैं, जबकि 24 वर्षीय बहू मनीषा हाथों में कन्नाी थाम कर कारीगरी करती है। उनका कहना है कि पहले वे खुद घर में शौचालय बनाकर परिवार को स्वच्छता की राह पर ले जाएंगी, उसके बाद गांव में भी घर-घर जाकर लोगों को इसके लिए प्रेरित करेंगी।

भौंती के ग्राम हमीरपुरा में मनीषा ने खुले में शौच न जाने का निर्णय लिया। इस बात की जानकारी पति प्रकाश और परिवार के अन्य सदस्यों को दी। परिवार ने पहले सरकारी मदद के लिए आवेदन किया, लेकिन बात नहीं बनी। पति प्रकाश लोधी मजदूरी कर परिवार को भरण-पोषण करता है।

उसके पास न तो समय है और न ही इतना पैसा कि वह शौचालय बना पाता। शौचालय निर्माण की मजदूरी देने के लिए उसके पास पैसे नहीं थे, यह देखकर पत्नी मनीषा आगे आईं। उनका साथ सास सावित्री ने भी किया। दोनों मिलकर शौचालय बनाने में जुट गईं। सास-बहू दोनों ने मिलकर इसी जज्बे के साथ गड्ढा बनाकर तैयार कर दिया, अब शौचालय बनाने की तैयारी है।

बहू मनीषा का कहना है कि गांव में जिस जगह लोग खुले में शौच जाते हैं, वहां पर्याप्त जगह नहीं रहती। इसलिए हमने निर्णय किया कि हमारे भरे पूरे परिवार के लोग अब खुले में शौच नहीं जाएंगे।

अपना शौचालय बनाने के बाद उन लोगों की मदद भी करेंगे, जिनके घर में शौचालय नहीं हैं। सास सावित्री कहती हैं, 'मैं धन्य हूं जो मेरे घर में साक्षात् लक्ष्मी जैसी बहू आई, उसकी मदद और समझ के कारण हम कई जल्द ही खुले में शौच की गंदगी से मुक्त हो जाएंगे।