शिवपुरी। इन दिनों पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। सरेआम बडे बडे घोटाले सामने आने के बाद इन घोटालों में कार्यवाही का भय दिखाकर इनमें मामले को सुलटाने की जुगत में अधिकारी जुट जाते है। नतीजन यह हालात है कि पब्लिक परेशान है।
परंतु सुनने बाला कोई नहीं है। इसी के चलते बीते रोज कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को कुछ किसान पहुंचे जिनके 2 साल से चने की फसल का भुगतान सोसायटी व संबंधित विभाग ने नहीं किया। इधर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सोसाइटी संचालक ने घालमेल किया था और मामला कोर्ट में चल रहा है। वह भी कुछ नहीं कर सकते।
यह सुनकर किसान भोले की पैसे नहीं मिल रहे, ऐसे में वह अपने बच्चों को क्या जहर दे दे, किसान का कहना था कि वह कई बार अधिकारियों से भुगतान के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनका भुगतान कब होगा, यह कोई बताने को तैयार नहीं है।
खनियाधाना के पहाड़ा खुर्द निवासी करण सिंह ने बताया, उसने व उसके साथी के साथ आसाराम पुत्र रामसेवक राय, विवेक राय, मुनीराम, रामबाई लोधी, हरिभान सिंह यादव, शीला अशोक ने 7 जुलाई 2018 में रन्नौद मंडी में भांतावर योजना के तहत उपार्जन केंद्र पर अपनी चने की फसल बेची थी।
उसको 2 लाख रूपए का भुगतान होना था, लेकिन सोसायटी संचालक ने लाखों रुपए का घालमेल कर दिया, जिससे उसका व अन्य किसानों का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया। किसानों का कहना है कि उन्हें सोसायटी संचालक या किसी और से क्या लेना-देना है, उन्हें तो सरकारी केंद्र पर माल बेचा और अपने ही माल के पैसे उनको नहीं मिल पा रहे।
ऐसे में उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब है और कोई जिम्मेदार अधिकारी उनको यह बताने का तरीका बताने को तैयार नहीं है कि आखिर उनका भुगतान कब होगा। पूरे मामले में अधिकारी भी किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

