रूढि़वादिता के आगे जागरूकता ने टेके घुटने, कोरोना भी नही रोक सका मृत्यु भोज | Shivpuri News

शिवपुरी। एक ओर समूचा विश्व कोरोना जैसी महामारी से भयाक्रांत है और इससे बचने के लिए सामाजिक दूरी बनाने की अपील प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और देश के सारे प्रचार माध्यम कोरोना से जागरूकता बता रहे हैं, लेकिन कोरोना के खतरे से बेखबर शिवपुरी के नजदीक ग्राम सिंहनिवास में कल मृत्यु भोज की रस्म संपन्न हुई। जिसमें सैकड़ों लोगों ने पंगत में बैठकर भोजन किया।

मृत्यु भोज सुबह 11 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक चलता रहा जिसमें सिंहनिवास और आसपास के गांवों के लोग शामिल हुए। खास बात यह थी कि जिस परिवार ने मृत्यु भोज आयोजित किया वह आर्थिक रूप से बहुत कमजोर है, लेकिन दिवंगत आत्मा की शांति हेतु उसने समझाइश के बाद मृत्यु भोज कराया।

पुलिस को कुछ समझदार लोगों ने 100 नंबर पर सूचना भी दी, लेकिन पुलिस शाम छह बजे के बाद वहां पहुंचीं और पुलिस के भय के कारण पंगत में बैठने वाले लोगों की दूरी बढ़ा दी गई और कहा गया कि केवल कन्या भोज और ब्राह्मण भोज ही आयोजित किया गया है।

सिंहनिवास निवासी रमेश रावत की पत्नी सुशीला रावत का देहांत हो गया था जिनका गंगभोज कल गांव में आयोजित किया गया। सूत्रों के अनुसार समाज के मठाधीशों ने उससे कहा कि मृत्यु भोज के संस्कारों को संपन्न कराना आवश्यक है। इस कारण बताया जाता है कि उस परिवार ने कर्जा लेकर मृत्यु भोज कराया।  

नागपुर से लौटे मस्तराम की नहीं हुई स्क्रीनिंग

रमेश रावत का पुत्र मस्तराम रावत ट्रक चलाने का कार्य करता है जो एक दिन पहले ही नागपुर से ट्रक लेकर शिवपुरी आया था और कल वह अपनी मां के मृत्यु भोज के पूरे कार्यक्रम में शामिल रहा। जिसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को गांव के कुछ लोगों ने दी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। जिस कारण मस्तराम की स्क्रीनिंग नहीं हो सकी है। गांव के लोगों ने मस्तराम के स्वास्थ्य के परीक्षण की मांग की है।