एक्सरे@ ललित मुदगल/शिवपुरी। कोलारस में चल रही अवैध वन कटाई की खबर के बाद रेंजर कृतिका शुक्ला की बौंखलाहट सामने आ रही हैं। सोशल पर वायरल खबर पर लगातार कमेंट करते हुए मीडिया को ही कटघरे में खडे करते हुए सीधे धमकाते में लिखा की पत्रकार महोदय फोरेस्ट के आईटम घर से ही जब्त हो जाते है। इतना ही मीडिया को माफिया तक निरूपित कर दिया। आईए धमकाने वाली पोस्ट से मीडिया को माफिया तक के मामले का एक्सरे करते हैंं
शिवपुरी समाचार डॉट कॉम ने बीत रोज बोलते फोटो:किस तरह जंगल को छलनी कर रहे है माफिया,रेंजर साहिबा कृतिका जंगल की बजाए मार्केट में कर रही है कार्यवाही शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस खबर का मूल उदेश्य यह था कि जंगल कट रहे है, वन विभाग अपनी कमाई के लिए मार्केट में ट्रेक्टर पकड रहा हैंं।अपने मूल काम जंगल को बचाने की बजाए केवल बजरी के ट्रेक्टरो के पीछे घूम रहा हैं।
यहां बता दे कि जिले के कोलारस क्षेत्र में जबसे रैंजर कृतिका शुक्ला ने चार्ज संभाला है। यहां माफिया सक्रिय हो गए है। फोरेस्ट रैंज के ग्राम गोरा टीला में वन विभाग के अधिकारीयों ने फोरेस्ट के माफियाओं को खुली छूट दे रखी है। जिसके चलते जंगलों की अंधाधुंध कटाई जारी है। अगर इसी रेंज क्षेत्र की बात रहें तो यहां लगभग 500 बीघा फोरेस्ट की जमींन पर माफियाओं ने कब्जा कर रखा है। परंतु इन माफियाओं पर कार्यवाही की बजाए उक्त रेंजर मैन मार्केट में से ट्रेक्टर को पकडकर उसपर कार्यवाही कर रही है।
इस खबर के प्रकाशन के बाद जब यह खबर वायरल की गई इसके बाद रेंजर कृतिका शुक्ला बोखलाहट सामने आई ओर वायरल खबर के कमेंटो में स्वयं की एफबी आईडी से लगातार कमेंट किए। पहला कमेंट लिखा गया कि पत्रकार महोदय फोरेस्ट के आईटम घर से भी जब्त होते हैं। इस कमेंट को समझने का प्रयास किया जाए तो सीधे-सीधे यह धमकी हैं कि अगर ऐसी खबर का प्रकाशन पुन: किया गया तो आपके घर से भी फोरेस्ट का समान जब्त किया जा सकता हैं।
इसके बाद भी रेंजर महोदय का गुस्सा शांत नही हुआ तो मीडिया पर ही आरोप मड दिया कि आपके भी इंलीगल बजरी ओर खंडे के अवैध ट्रेक्टर चल रहे हैं। मीडिया को सीधे-सीधे मफिया निरूपित करने का प्रयास किया गया। हांलाकि यह सभी कमेंट मेंंडम शुक्ला ने डिलेट कर दिए।
इसके बाद अपने पर्सनल पीआरओ जैसे पत्रकारो से हाईकोर्ट जाने तक की धमकी भी दिलवाई गई। कहने का सीधा-सीधा अर्थ हैं कि खबर केवल वही छापो जो मेंडम को पंसद हैं, गुणगान करो आंखे बंद कर लो सिर्फ काला झूठ प्रकाशित करो। नही तो आपके घर फोरेस्ट का समान रखवा दिया जाऐगा ओर मामला दर्ज करवा सकते हैं।
बताया जा रहा हैं लगातार फोरेस्ट क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा हैं। विभाग ने आंखे बंद कर रखी हैं। वही टेक्टर पकडे जाते हैं जो महिना नही देते हैं उनके भी चालान में गेम खेला जाता हैं। उन पर कार्यवाही करते हुए 1 से कम घनमीटर का ही चालान किया जाता हैं जिससे चालान कम बने।
सोचने वाली बात हैं कि एक ट्रेक्टर की ट्रॉली में लगभग 4 घन मीटर रेत या पत्थर आता हैं। तो कोई वन क्षेत्र से अवैध काम करने वाला 1 घन मीटर से कम रेत या पत्थर चोरी नही करेगा वह पूरी की पूरी ट्रॉली भरकर लेकर आऐगा। लेकिन अगर वह पकडा जाता हैं तो उस पर चालान में भी सेंटिंग की जाती हैं। पीआरओ काटकर चालन जब किया जाता हैं तो जब्ती 1 घन मीटर से कम दिखाई जाती हैंं।
इसका साक्षात प्रमाण रेंज के चालान बुक से निकल कर आ सकता हैं। रेंजर महोदया ने जब से चार्ज संभाला हैं जब के चालान बुक चीख-चीख कर बोल देंगें की चालनो में भी सेंटिंग की जाती हैं। कुल मिलाकर वन विभाग अपना मूल काम छोडकर बजरी रेत और पत्थरो के पीछे पडा हैं। वनो में अवैध कटाई जारी हैं।

