शिवपुरी। स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक और प्रशासननिक अमले के अधिकारी प्राईवेट बस स्टैंड के पीछे स्थित महावीर नगर में पहुंचे। वहां एक गंदगी से भरी जमीन को पर सफाई अभियान शुरू किया गया। कलेक्टर ने कालोनी के नागरिको को स्वच्छता का संदेश दे रही थी। तभी किसी नागरिक ने सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण की शिकायत कर दी। कलेक्टर ने तत्काल उस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के आदेश दिए।
बताया जा रहा हैं कि महावीर नगर में स्थित सरकारी नजूल आबादी की लगभग 5 बीघा जमीन पर किसी अक्षय प्रताप सिंह कब्जा हैं। उसने इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा हैं। अतिक्रमणकारी ने इस सरकारी जमीन को किराए पर दे रखा था।
एसडीएम अतेंद्रसिंह गुर्जर ने बताया कि सफाई कार्यक्रम के दौरान पुराने बस स्टैंड के नजदीक स्थित जमीन पर अक्षय प्रताप सिंह कब्जा किए हुआ था। भैसों के तबेले वाले से हर माह पंद्रह हजार रुपए और आईसक्रीम फैक्टरी वाले से पंद्रह सौ रुपए किराया ले जा रहा था। मंदिरनुमा जगह में परिवार के साथ खुद भी रह रहा था।
स्टॉल रखकर खुद भी सट्टा लगवाता था। जानकारी मिलने के बाद करीब पांच बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई है। ढाई हजार प्रति वर्गफीट के मान से जमीन की बाजार कीमत करीब 28 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। आरोपी अक्षय प्रताप सिंह को जेल भेज दिया है।
बताया जा रहा हैं कि महावीर नगर में स्थित सरकारी नजूल आबादी की लगभग 5 बीघा जमीन पर किसी अक्षय प्रताप सिंह कब्जा हैं। उसने इस सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा हैं। अतिक्रमणकारी ने इस सरकारी जमीन को किराए पर दे रखा था।
एसडीएम अतेंद्रसिंह गुर्जर ने बताया कि सफाई कार्यक्रम के दौरान पुराने बस स्टैंड के नजदीक स्थित जमीन पर अक्षय प्रताप सिंह कब्जा किए हुआ था। भैसों के तबेले वाले से हर माह पंद्रह हजार रुपए और आईसक्रीम फैक्टरी वाले से पंद्रह सौ रुपए किराया ले जा रहा था। मंदिरनुमा जगह में परिवार के साथ खुद भी रह रहा था।
स्टॉल रखकर खुद भी सट्टा लगवाता था। जानकारी मिलने के बाद करीब पांच बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराई है। ढाई हजार प्रति वर्गफीट के मान से जमीन की बाजार कीमत करीब 28 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। आरोपी अक्षय प्रताप सिंह को जेल भेज दिया है।
