आजाद हिंद फौज के महानायक और परमवीर योद्धा था कर्नल ढिल्लन: बालोदिया | Shivpuri News

शिवपुरी। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के परमवीर योद्धा व आजाद हिंद फौज के महानायक पद्म भूषण कर्नल स्व.गुरूबक्श सिंह ढिल्लन की 14 वीं पुण्य तिथि पर श्रृद्धांजली एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा का कार्यक्रम आज कर्नल स्व. जी.एस.ढिल्लन समाधि स्थल 'आजाद हिन्द पार्क' ग्राम हातौद, झांसी रोड़ जिला शिवपुरी में सम्पन्न हुआ।

समाधि पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं उनके परिजनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और कार्यक्रम में आईटीव्हीपी के सिंगल टे्रनिंग स्कूल, एनसीसी के अधिकारी, कर्नल स्व. गुरूबक्श सिंह ढिल्लन की पुत्री श्रीमती अर्मता मेहरोत्रा सहित धर्मगुरूओं, जनप्रतिनिधियों एवं समाज सेवियों द्वारा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालकर देशभक्ति की प्रेरणा लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में अपर कलेक्टर आर.एस.बालोदिया, अनुविभागीय दण्डाधिकारी अतेन्द्र सिंह गुर्जर, कांग्रेस के हरवीर सिंह रघुवंशी, पूर्व विधायक गणेश गौतम, प्रहलाद भारती, राजू बाथम, तहसीलदार भूपेन्द्र सिंह कुशवाह एवं ग्राम हातौद के सरपंच परवीन कौर मेहरोत्रा सहित जनप्रतिनिधिगण, पार्षदगण, परिजन एवं अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।

कार्यक्रम को कर्नल गुरूबक्श सिंह ढिल्लन की पुत्री अर्मता मेहरोत्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हम सब को अपने देश से प्रेम करना चाहिए। देश प्रेम की भावना हम सब में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पिता गुरूबक्श सिंह ढिल्लन को सच्ची श्रृद्धांजलि तभी होगी, जब हम सब देशभक्ति के मार्ग पर चलेंगे। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जिन्होंने देश को आजादी दिलाने में अपना योगदान दिया है, देश की रक्षा करने में जिन जवानों ने अपना बलिदान दिया है।

हमें उनको सहृदय से सम्मान देना चाहिए। कार्यक्रम में श्रृद्धांजली एवं सर्वधर्म सभा प्रार्थना सभा में डॉ.रघुवीर सिंह गौर, डॉ.गिरीश जी महाराज, बाबा तेगा सिंह, यूसुफ अहमद कुर्रेशी, फादर जार्ज ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी धर्मगुरूओं को शॉल और श्रीफल से श्रीमती अर्मता मेहरोत्रा द्वारा सम्मानित किया गया।

एसडीएम पब्लिक स्कूल, सेंट चाल्र्स स्कूल एवं शासकीय माध्यमिक विद्यालय ग्राम हातौद के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर पूर्व जेलर बी.पी.मौर्य के नेतृत्व में नगर के मुख्य मार्गों से निकली मशाल यात्रा समाधि स्थल पहुंचने पर कर्नल स्व.गुरूबक्श सिंह ढिल्लन को 11 तोपो की सलामी दी गई। कार्यक्रम का संचालन गिरीश मिश्रा एवं आदित्य शिवपुरी द्वारा किया गया।