शिवपुरी शहर इस साल भी जल संकट से जूझेगा, 26000 में से सिर्फ 47 कनेक्शनों में पानी

शिवपुरी। शहर की प्यासे कंठो की लाईफ लाईन बनी सिंध जलावर्धन योजना का काम कछुआ गति से भी धीमा चल रहा हैं। धरना प्रर्दशन आंदोलन के कारण सिंध का पानी शिवपुरी के मुहाने पर तो आ गया,लेकिन घरो तक नही पहुंचा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली हैं लेकिन जिम्मेदारो की लापरवाही की वजह से नल कनेक्शन की पूरी तैयारी के बाद भी काम शुरू नही हो सका हैं।

अब फरवरी आधी हो चुकी हैं,दिन की धूप की चुभन ने गर्मी की दस्तक शुरू हो चुकी हैं। मार्च शुरू होते ही गर्मी अपना असर दिखाना शुरू कर देगी,साथ ही जल संकट भी शुरू हो जाऐगा। नपा ने इस जलसंकट से निबटने के लिए कोई तैयारी नही की हैं।

शहर मे सिंध के लगभग 26 हजार कनेक्शन होने थे। बताया गया हैं कि  26100 घरों में नल कनेक्शन देने के लिए शिवपुरी शहर को चार भागों में बांटा है। चारों हिस्सों के अलग-अलग टेंडर जारी किए गए। जिसमें दो फर्मों बानको कंस्ट्रक्शन और एक्वा प्रोजेक्ट्स की दरेें सबसे कम आईं थी। इन्है काम दिया गया था लेकिन कंपनी ओर नपा के बीच अनुबंध लेट हुआ,कंपनी ने काम धीमी गति से किया इस कारण अभी केवल 47 घरो में की कनेक्शन हुए हैं। वह भी सुचारू रूप से चालू नही हो सके हैं।

ड्राईजोन शहर फिर लडेंगा जलसंकट से

शहर में पूरी तरह से ड्राई जोन हो चुका है तथा गर्मियों में इस शहर के अंदर एक हजार फीट की गहराई में भी पानी नहीं मिलता। ऐसे में सिंघ जलवर्धन योजना हीे इस शहर की एक मात्र आस है, लेकिन वो भी गर्मीयों तक पूरी होती नहीें दिख रहीं। तीन महीने में नगर पालिका परिषद द्वारा घरों में नल कनेक्शन की परमीशन दी जाने के बाद अभी तक यह काम पूरा होना तो दूर आधा भी नहीं हो सका है।

सिंघ की सप्लाई पहले ही रूक-रूक कर आ रही है,लेकिन वो पानी भी लोगों के घरों तक नहीें पहुंचा पाया। शहर में बनाई गई टंकियों से अभी तक आसपास के रिहार्ययशी इलाकों में डिस्ट्रब्यूशन लाइन से न तो कनेक्शन हुआ और न ही घरों में कनेक्शन हुए। जिसके चलते सिंध का पानी इस बार भी शहर की जनता के लिए आस बनकर ही रह जाएगा।

यह है स्थिती इस समय प्रोजेक्ट की

शहर में मौजूद 11 टंकियो में से अभी तक 6 टंकिया कनेक्ट हो सकी है। जबकि 5 टंकियो को अभी तक जोडा नही गया हैंं और इसमें से 1 टंकी अभी बनी नही है। 240 किमी की डिस्ट्रीब्यूशन लाईन में से 40 किमी की लाईन टेस्टिंग हो सकी हैं।

सिंध से शहर तक होने वाली पानी की लाईन अक्सर बंद होती रहती हैं। लाईन के कभी भी टूटने और लिकेज होने की खबर मिलती रहती हैं। फिल्टर प्लांट व इंटेकवेल तक स्थाई बिजली कनेक्शन के लिए खंभे लग गए,तार खींच गए हैं लेकिन कनेक्शन अभी तक नही हुआ हैं। जिसके चलते बिजली की समस्या आती रहती हैं।