बड़ी खबर:फारेस्ट रेंजर ने दिया दलित पर गोली चलाने का आदेश, एक की मौत, एक गंभीर, रेंजर सहित 14 फारेस्ट कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज

शिवपुरी। आज की सबसे बड़ी खबर जिले के करैरा थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव से आ रही है जहाँ वन चौकी के पास लगे हेड पम्प पर पानी भरने के दौरान वनकर्मियों और एक दलित परिवार के बीच हेडपम्प से पानी भरने को लेकर विवाद हो गया।

यह विवाद इतना उग्र हुआ कि आरोप है रेेंजर सुरेश शर्मा ने अपने अधीनस्थ वनकर्मियों को गोली चलाने का आदेश दे दिया। जिससे मदन बाल्मिक भाई पंकज बाल्मिक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। इस बारदात के बाद मृतक के परिजनों ने वनकर्मियों पर हत्या और हत्या प्रयास का मामला दर्ज कराने के लिए फतेहपुर गांव में और करैरा पुलिस थाने मेंं जमकर हंगामा किया। 

इस हंगामे के बाद पुलिस ने आरोपी रैंजर एसके सुरेश शर्मा, डिप्टी रैंजर राठौर, एक अज्ञात वनकर्मी महिला, रवि शर्मा, रवि बाथम, मुकेश बाथम, रामेश्वर रावत, नंदराम जाटव, गणेश गौतम, सरदार परघट सिंह सहित अन्य चार लोगों के खिलाफ भादवि की धारा 302, 307, 323, 294, 147, 148, 149, 3(2)(बी)एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। सभी आरोपी वनविभाग के कर्मचारी बताए जाते हैं। 

करैरा थाने में मृतक मदन बाल्मिक की पत्नी सरोज ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि वह अपनी चचिया सास ममता व अपनी दोनों पुत्री काजल व नंदनी के साथ रविवार की दोपहर ढ़ाई बजे वन चौकी के पास लगे हेड पम्प पर पानी भरने गई थी। उसी समय रेंजर एसके सुरेश शर्मा पानी की बोतल लेकर हेड पम्प पर आया। जहां काजल द्वारा बर्तन धोने के दौरान रैंजर पर पानी उचट गया। इसी बात को लेकर वह गालियां देने लगा। जब उसकी चचिया सास ममता ने रेंजर को गाली देने से रोका तो एक महिला वनकर्मी वहां आई और उसने ममता और उसको पकड़कर चांटे मार दिए और बाल खींचकर उन्हें भगा दिया। 

इसी दौरान उसकी पुत्री काजल घर गई। जिसने अपने पिता मदन और चाचा पंकज को घटना के बारे में बताया। यह सुनकर वह दोनों मौके पर पहुंचे तो डिप्टी रेंजर राठौर, रवि शर्मा व अन्य वनकर्मियों ने बंदूक की बटों और डंडों से उनकी मारपीट कर दी। जिनसे बचने के लिए मदन और पंकज छूटकर भागे। 

जिनका पीछा आरोपियों ने किया। इसी दौरान रैंजर एसके सुरेश शर्मा ने गोली चलाने का आदेश दिया और आदेश मिलते ही स्वयं रैंजर और मुकेश बाथम व रवि बाथम ने बंदूकों से फायर कर दिए। जिनमें से एक गोली उसके पति मदन बाल्मिक की पीठ में लगी और वह आर पार हो गई। जबकि दूसरी गोली से निकले छर्रे उसके देवर पंकज बाल्मिक को लगे और दोनों घायल हो गए। 

जिन्हें मौके पर मौजूद सत्यभान सिंह परमार उसका चचिया ससुर सुमंत बाल्मिक लक्ष्मी नारायण बाल्मिक, भानू बाल्मिक और देवेंद्र रावत बुलेरो गाड़ी से अस्पताल ले जाने के लिए निकले। जब वह गधाई रामनगर गांव के पास पहुंचे। तभी उसके पति मदन ने दम तोड़ दिया। वहीं देवर पंकज को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।  इस घटना के बाद म्रतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जिसपर से पुलिस ने तत्काल 14 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।