कालामढ का कालासच: सरकारी जमीन बेचने के मामले में SDM के रीडर, पटवारी सहित 5 पर मामला दर्ज

बैराड। जिले का सबसे बडा भूमि घोटाला कालामढ का कालासच अब बहार आया हैं,कालामढ के मामले में एसडीएम ने जांच सिद्ध कर दी की,उक्त सरकारी भूमि के मूल दास्तावेजो में हैराफैरी कर उसका पट्टा कर बेचा गया। इस मामले में एसडीएम के तात्कालिन रीडर,पटवारी सहित 5 लोगो पर धोखाधडी सहित अन्य धाराओ में मामला दर्ज किया हैं।

तहसीलदार रामनिवास धाकड़ ने बताया कि बैराड़ निवासी प्रदीप पुत्र कालीचरण सोनी और सतीश पुत्र रामचरण योगी ने बैराड़ तहसील के कालामढ़ में सर्वे क्रमांक 540 रकवा 1,19 हैक्टेयर शासकीय भूमि को तत्कालीन एसडीएम रीडर गंगाराम पवार तहसीलदार रीडर कैलाश नारायण वारोदिया जिनके पास रिकॉर्ड रूम का भी प्रभार था कालामढ़ पटवारी देवेन्द्र गौड़ से मिलकर कूट रचित दस्तावेजों से फर्जी पट्टा तैयार कर शासकीय भूमि पर कब्जा कर लिया था।

एसडीएम ने जांच कराई तो हुआ फर्जी पट्टा काण्ड का खुलासा

कालामढ़ में हुए इस फर्जी पट्टा काण्ड की पोहरी एसडीएम पल्लवी वैध ने जांच कराई तो पता चला कि प्रदीप सोनी और सतीश योगी ने तत्कालीन रिकॉर्ड रूम प्रभारी गंगाराम पवार और कैलाश नारायण बालोदिया तत्कालीन कालामढ़ पटवारी के साथ मिलकर शासकीय रिकॉर्ड में युक्त भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया कूट रचित दस्तावेजों से शासकीय भूमि को खुर्द बुर्द करने के मामले में शनिवार को बैराड़ पुलिस ने अपराध क्रमांक 20 धारा 420 466 467 468 471 477ए 120 बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।

बताया जा रहा हैं कि इन आरापियो ने इस भूमि पर करोडो रूपए के प्लॉट काट कर बेचे हैं। अब यह भूमि सरकारी कब्जे की श्रेणी में आ रहे हैंं। यह मामला पिछले 10 साल से चर्चा में चल रहा था लगातार मिडिया इसका प्रकाशन भी कर रही थी। यहां मामला हाईकोर्ट में भी पहुंचा था।