अटल जी के उद्वोधन मेें गजव का सम्मोहन था: जिलाध्यक्ष राजू बाथम | Shivpuri News

Bhopal Samachar
शिवपुरी। भाजपा वरिष्ठ नेतृत्व के अनुसार भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी जी की जयंती को सभी मंडल स्तर पर सुशासन दिवस व सेवा कार्य कर मनाने का निर्णय लिया गया था। जिसमें शिवपुरी जिले के सभी मंडलों में आज अटल जी की जयंती को मनाया गया। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री राजू बाथम अटल जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गजब का सम्मोहन था।

अटल जी के उद्बोधन में बाकपुटता इतनी की घुर विरोधी भी उनका कायल हो जाता था। हिंदी के शब्दों पर पकड़ इतनी अच्छी थी कि जब भी बोलते तो लगता कि शब्दों की सरिता प्रवाहित हो रही है। इन्हीं खूबियों के बल पर पहले पत्रकारिता के क्षेत्र में और कालांतर में राजनीति के अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपना अहम मुकाम बनाया।

राजनीतिक जीवन में लंबे समय तक झंझाबात और काल के थपेड़े झेलने के बाद भी उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पद की शोभा केवल एक बार नहीं वरन तीन बार बढ़ाई आज भले ही वे हमारे बीच नहीं। लेकिन उनकी कृतियां उनके निर्णय और उनसे जुड़े घटनाक्रम लंबे समय तक लोगों को उनकी याद दिलाते रहेंगे। भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर उसके सन 1977 में जनता पार्टी में विलय और सन 1980 में भारतीय जनता पार्टी के रूप में देश को एक नई सोच की पार्टी का विकल्प देने वाले अटल बिहारी वाजपेई राजनीति के ऐसे देदीप्यमान नक्षत्र है।

जो अनंत काल तक अपनी समूची दुनिया में बिखेरते रहेंगे। अटल जी ने अपने शासनकाल में किसान क्रेडिट कार्ड फसल बीमा स्वर्णिम चतुर्भुज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना परमाणु परीक्षण जैसे अनेक कार्य कर ग्रामीण को जीवन में खुशहाली लाने का काम किया।

अटल जी ने सिद्धांत और मुद्दों पर आधारित विरोध की मिसाल कायम की माखनलाल राठौर अटल बिहारी वाजपेई के राजनीतिक जीवन का अधिकांश समय विपक्ष में व्यतीत हुआ। इस रूप में उन्होंने सिद्धांत और मुद्दों पर आधारित विरोध की मिसाल कायम की सत्ता में रहे तो सबको साथ लेकर चलने का प्रयास किया उनका कोई भी निजी स्वार्थ कभी नहीं रहा। उन्होंने राष्ट्र और समाज को सर्वोच्च माना उसी के लिए सदैव समर्पित रहे। 

अटल जी में विलक्षण भाषण दक्षता थी -वीरेंद्र रघुवंशी कोलारस में विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने बताया कि उनका राजनीति में पदार्पण विपरीत परिस्थितियों में हुआ था। संपूर्ण देश में कांग्रेस का वर्चस्व था ऐसे में जनसंघ जैसी नई पार्टी और युवा अटल के लिए रास्ता आसान नहीं था। राजनीति जीवन का उनका पहला दायित्व था जनसंघ के विचार अभियान में मुख्य धारा में पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण था अटल जी के विलक्षण भाषण दक्षता थी जिसे उन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा से मजबूत बनाया।

स्वर्णिम चतुर्भुज प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अटल जी की देन-सुशील रघुवंशी लुकवासा में अटल जयंती के अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी ने कहा कि देश के बड़े शहरों को सड़क मार्ग से जोड़ने की शुरुआत भी अटल जी के शासनकाल के दौरान हुई। पांच हजार किलोमीटर से ज्यादा का स्वर्णिम चतुर्भुज योजना को तब विश्व के सबसे लंबे राजमार्ग वाली है परियोजना माना गया था।

दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और मुंबई को राजमार्ग से जोड़ा गया अटल जी ने गांवों को सड़क से जोड़ने का काम शुरू किया था, उन्हीं के शासनकाल के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत हुई थी। इसी योजना से लाखों गांव सड़कों से जुड़े इस योजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में पांच सौ से अधिक आबादी वाले पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में ढाई सौ लोगों की  आबादी वाले सड़क संपर्क से वंचित गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ना था। अटल जी के शासनकाल में ही भारत में टेलीकॉम क्रांति की शुरुआत हुई।

परमाणु परीक्षण कर बढ़ाया देश का मान-सुरेन्द्र शर्मा, रन्नोद मंडल में अटल जयंती के अवसर पर प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि सन 1998 में राजस्थान के पोखरण क्षेत्र में देश ने द्वितीय परमाणु परीक्षण किया जिसकी भनक अमेरिका की खुफिया एजेंसी को भी नहीं मिल। सभी इसके बाद पश्चिमी देशों ने भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए लेकिन बाजपेई सरकार ने सबका दृढ़ता पूर्वक सामना किया।

उनकी सरकार ने आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ उन्होंने पड़ोसी पाकिस्तान से भी संबंध सुधारने की पुरजोर पहल की 19 फरवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू कराई, इस सेवा का उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री के रूप में उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा करके तब के वहां के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की और आपसी संबंधों पर एक नई शुरुआत की थी।

शब्दों का जादूगर माना जाता था अटल जी को प्रहलाद भारती बैराड़ मंडल में अटल जयंती के अवसर पर पूर्व विधायक श्री प्रहलाद भारती ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को शब्दों का जादूगर माना जाता था। धुर विरोधी भी उनकी बाकपुटता और तर्कों के कायल रहे सन 1994 में केंद्र की कांग्रेस सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भारत का पक्ष रखने वाले प्रतिनिधिमंडल की नुमाइंदगी की जिम्मेदारी उनको सौंपी थी। जिसका उन्होंने बखूबी निर्वहन किया, किसी सरकार का विपक्षी नेता पर इस हद तक भरोसा को पूरी दुनिया में आश्चर्य से देखा गया था। अपने पराए का भेद किए बिना उनमें सच कहने का अजब साहस था।

घुसपैठियों को कारगिल विजय से दिया जवाब-नरेंद्र विरथरे पोहरी में अटल जयंती के अवसर पर पूर्व विधायक नरेंद्र विरथरे ने कहा कि पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ कर भारत के बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। भारतीय सेना और वायु सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाली जगहों पर हमला किया जिसमें एक बार फिर पाकिस्तान को भागना पड़ा था।

अटल जी से पक्ष और विपक्ष दोनों को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व पदों की सीमा से ऊपर था। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती जिलेभर में मनाई गईइस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजू बाथम जी,सुशील रघुवंशी अशोक, नरेंद्र विरथरे, प्रहलाद भरती, माखनलाल राठौर, सुरेन्द्र शर्मा, ओमप्रकाश खटीक, प्रीतम लोधी, डॉ राकेश राठौर, अनुराग अष्ठाना, भानू दुबे, सोनू विरथरे।

भाजयूमो मुकेश सिंह चौहान, मनीष अग्रवाल, लोकपाल लोधी, सुनील गुप्ता, ओम प्रकाश शर्मा, राजकुमार खटीक, पृथ्वीराज जादौन, जगराम सिंह यादव, विकास पाठक, भानु जैन, बनवारी लाल श्रीवास्तव, शेखर धाकड़, हेमपाल दांगी, चंद्रपाल यादव, शिवेंद्र रघुवंशी, कुबेर रावत, विक्की मंगल, आशुतोष जैमिनी, पुष्पेंद्र यादव, ओम संजय गौतम, नगर अध्यक्ष विपुल जैमिनी, हरिओम, के.पी परमार, अरूण पंडित, मुकेश चौहान, संदीप भार्गव, शिवम् दुबे, अशोक शिवहरे, नवनीत सेन, निर्देश गोयल, अनिल बघेल, बंटी जैन, जसवंत रजक, जुगनू मित्तल आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।