सरकार ही नही चाहती की RTO में रिश्वत खत्म हो,यह है सबूत, दबाया गया इस नियम को

एक्सरे@ललित मुदगल | शिवपुरी। प्रदेश में अवैध कमाई का सबसे बडा विभाग है परिवहन विभाग,इस विभाग की काली कमाई से सरकारो के अनैतिक खर्चे मैनेज होते हैं,सरकार ने इस विभाग में रिश्वत की चली आ रही परपंरा को खत्म करने के लिए नियम भी बनाया लेकिन उसको अमल में नही ला रही हैं।

सरकार ने नियम भी बनाया हैं लेकिन इसको अमल में नही लाया जा रहा हैं और न ही इस नियम का प्रचार—प्रसार सरकार के द्धारा किया जा रहा हैं इससे सरकार की मंशा बिल्कुल साफ दिख रही हैं कि वह आरटीओ विभाग में रिश्वत की परपंरा को खत्म ही नही करना चाहती हैं।

आप याकिन मानिए इस नियम के लागू होते ही आपको आरटीओ आफिस के चक्कर नही लगाने होगें और न ही किसी दलाल की शक्ल देखनी होगी। इस नियम आपके काम के लिए मात्र 24 घंटे का अधिकार देता हैं। इस नियम के सख्ती से लागू होने पर आरटीओ जैसा भ्रष्टाचार से भरा विभाग रिश्वत मुक्त होने के अग्रसर हो जाऐगा।आपको आरटीओ आफिस रिश्वत मुक्त होना एक सपना जैसा लगता हैं,लेकिन यह सत्य हैं।

मध्यप्रदेश शासन के परिवहन मंत्रालय के प्रमुख सचिव एसएन मिश्रा ने दिनांक 04.01.2018 को पत्र क्रंमाक 8—4—2011—8 के माध्यम से एक ओदश मप्र के समस्त जिला कलेक्टर,समस्त क्षेत्रीय,अति क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारी और मप्र के समस्त लोक सेवा संचालक केन्द्रो को जारी किया था।

इस आदेश का सीधा अर्थ था कि आपके परिवहन विभाग से सबंधिंत 7 काम आपके बिना रिश्वत के होंगें और वह भी 24 घंटे के अंदर करने होंगेंं।

यह है वह काम

वाहन फिटनेस प्रमाण-पत्र की प्रतिलिपि जारी करना,डुप्लीकेट वाहन पंजीयन कार्ड निजी वाहनो का,स्वामित्व के हस्तांरण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने के संबंध में,वाहनो को पता परिवर्तन करना इसके अतिरिक्त आपके वाहनो से संबंधित काम जिनके लिए आपकेा आरटीओ आफिस में चक्कर लगाने पढते थे और दलालो को तलाशना पडता था और सरकारी रशीद के अतिरिक्त रिश्वत देनी होती थी। यह सब काम आपके 24 घंटे में लोक सेवा गारंटी केन्द्र से होते।

इसके लिए सरकार ने विधिवत रूप से सर्कुलर जारी किया था और आपको इन सभी काम करवाने के लिए आवश्यक दास्तावेज और शुल्क का विवरण भी इस आदेश में उल्लेख किया है। बस आपको अपने काम के सभी आवश्यक दास्तावेज अपने आवेदन के साथ निर्धारित सरकारी शुल्क के साथ लोकसेवा गांरटी केन्द्र में जमा करना होता और 24 घंटे के अंदर आपका काम तैयार हो जाता।

नियम तो सरकार ने बनाया लेकिन उसकी मंशा साफ नही थी। सरकार ने इस नियम प्रचार प्रसार भी नही किया। शिवपुरी आरटीओ मधुसिंह से मामले में बातचीत की तो उन्होने कहा कि सरकार के इस नियम की जानकारी ही नही है। अगर लोकसेवा केन्द्र से हमारे पास कम्पलीट होकर कागज आते हैं तो हमे निर्धारित समय सीमा में आवेदक का काम करके देंगें।

वही लोक सेवा केन्द्र शिवुपरी के प्रभारी रवि शर्मा से इस मामले में बातचीत की गई तो उन्होने कहा कि हमारी लोकसेवा केन्द्र की साईड में परिवहन विभाग का पेज खुलता हैं लेकिन वह अपडेट नही होता है। किसी भी प्रकार की जानकारी उसमें भरी नही जा सकती। इसका मतलब यह है कि यह शिवपुरी ही नही पूरे मप्र में ऐसा ही होता होगा।

इस मामले में क्लीयर है सरकार ने नियम तो बनाया हैं लेकिन फॉलो नही किया हैं। ना ही इस नियम का प्रचार प्रसार किया गया हैं जब सरकार छोटी-छोटी योजनाओ के प्रचार-प्रसार में लाखो करोडो फूक देती हैं पर भ्रष्टाचार से मुक्ति देने वाले इस नियम का प्रचार प्रसार नही करने का एक मात्र कारण यह भी हैं कि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन नही चाहती हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बडी खास बात यह हैं कि जन सेवा की बात करने वाली राजनीतिक दल न ही भाजपा और ना ही कांग्रेस के किसी भी नेता ने इस ओर ध्यान नही दिया और ना ही इसके उपर कोई बयान जारी किया। लेकिन शिवुपरी समाचार डॉट कॉम ने हमेशा जनहित की पत्रकारता की है और आगे भी करता रहेगा।