हार्दिक गुप्ता हैप्पी/कोलारस। खबर जिले के कोलारस अनुविभाग से आ रही है। जहां आज कोलारस स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य विभाग ने महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया था। इस शिविर में शामिल होने कोलारस क्षेत्र के दूर दराज के गांवों से महिलाएं पहुंची थी। परंतु इस हाडकंपा देने बाली सर्दी में यहां प्रशासन ने कोई माकूल व्यवस्था नहीं की थी। जिसका कबरेज करने आज जब मीडिया की टीम वहां पहुंची तो बीएमओ भडक गई। और तत्काल इस हॉल का अंदर से लाता लगा दिया।
जानकारी के अनुसार अभी हाल ही में जिला चिकित्सालय और पिछोर स्वास्थ्य केन्द्र में नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में मीडिया ने जाकर देखा तो अस्पताल प्रबंधन दोनों ही स्थानों पर महिलाओं को बेड तक उपलब्ध नहीं करा पाया। महिलाए इस हडकंपा सर्दी में जमींन पर लेटने को मजबूर थी। नसबंदी के नाम पर लाखों रूपए के बजट को ठिकाने लगाने बाले इस शिविर में जब व्यवस्थाओं का जायजा लेने मीडिया पहुंची।
जहां जाकर मीडिया ने देखा तो वहां अव्यवस्थाओं की भरमार मिली। न तो अस्पताल में महिलाओ के लिए न तो कबंल की व्यवस्था मिली और न ही यहां अस्पताल परिसर में इन महिलाओं को इस कडकडाती ठंड में जमींन पर लिटाया गया। जैसे ही इस मामले की भनक बीएमओ अल्का त्रिवेदी को लगी उन्होने तत्काल जिस हॉल में महिलाएं जमींन पर लेटी हुई मिली। जब इसका कबरेज करने टीम हॉल में पहुंची तो बीएमओ को यह नागबार गुजरा। बीएमओ अल्का त्रिवेदी ने तत्काल इस हॉल का अंदर से ताला लगा दिया। यह बात समझ से परे है कि आखिर बीएमओ अल्का त्रिवेदी ऐसा इस हॉल में अंदर क्या कर रही थी कि जो मीडिया से छुपाना जरूरी था।
यहां बता दे कि इस शिविर में 58 महिलाए शामिल हुई थी। जिनकी नसबंदी सर्जन डॉ कुम्भराज ने की। बताया गया है कि एक सर्जन एक दिन में 30 नसंबदी कर सकता है। परंतु यहां एक ही सर्जन ने एक दिन में 58 महिलाओं की नसबंदी कर दी। महिलाओं को छोडने के लिए कोई व्यवस्था अस्पताल प्रबंंधन ने नहीं की। जिसके चलते महिलाएं इस कडाके की ठंड में अपने खर्चे पर आॅटो में बैठकर गईं
इनका कहना है
महिलाओ को जमींन पर लिटाने की बात है तो यह तो सभंब नही है कि हर जगह हम इतने बेड हर चिकित्सालय में उपलब्ध कराए। रही बात मीडियाकर्मीयों के साथ अभ्रदता की तो हम उसके लिए आज ही पूरे जिले मे लेटर जारी कराते है। और इस मामले की भी जांच करा लेते है। अगर ऐसा हुआ होगा तो गलत है। आगे से जिले से सभी अस्पतालों में आज ही पत्र जारी कराता हूं। मीडिया के साथियों से कुछ भी छिपाने की आवश्यता नहीं है।
डॉ ए एल शर्मा,सीएमएचओ शिवपुरी।

