आखिर बीलारा तालाब का अतिक्रमण कब दिखाई देगा प्रशासन को, 84 बीघा के तालाब पर है अतिक्रमण | Shivpuri News

शिवपुरी। मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा लगातार अवैध भू माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की जा रही हैं। जिसकी बजह से भू जल स्तर लगातार रसातल में जा रहा हैं। लेकिन प्रशासनिक अधिकारी पुराने तालाबों के कब्जों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जबकि अन्य तहसीलों में शासकीय जमीन से अवैध कब्जेधारियों के कब्जे प्रशासन द्वारा तत्काल हटाए जा रहे हैं।

लेकिन पिछले काफी समय से शिवपुरी जिले की भावखेड़ी पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम बीलारा में बने 84 बीघा जमीन पर भू माफियाओं द्वारा तालाब से पानी निकाल कर लगातार खेती की जा रही हैं। इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को होने के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। जबकि पूर्व में तहसीलदार ने इन अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन इन अवैध अतिक्रमण कारियों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

जबकि शासन पानी एकत्रित करने के लिए लगातार क्षेत्रों में पंचायतों के माध्यम से तालाब  बनबाने में लगे हुए हैं। जिस पर शासन का करोड़ों रूपया प्रतिवर्ष व्यय हो रहा हैं। लेकिन शिवपुरी तहसील में इसका उलट ही हो रहा हैं। जबकि जिले से मात्र 14 कि.मी. दूर पोहरी रोड़ पर स्थित यह तालाब अतिक्रमण कारियों के कब्जे में हैं।  

ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद नहीं हटा अतिक्रमण
बीलारा तालाब से अतिक्रमण हटाने के लिए स्थानीय लोगों ने भी कई बार जिलाधीश को जनसुनवाई के माध्यम से शिकायत भी की थी लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा आज तक इस अतिक्रमण की हटाने का प्रयास नहीं किया। अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली।

तालाब पर अतिक्रमण होने से गिर रहा हैं भू-जल स्तर
बीलारा ग्राम में 84 बीघा में बने प्राचीन तालाब पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा कर उस पर वर्षों से खेती की जा रही हैं। खेती करने के उद्देश्य से इन अतिक्रम कारियों द्वारा तालाब का पानी निकाल दिया जाता हैं। जिससे क्षेत्र का भू जल स्तर लगातार गिर रहा हैं। ग्रीष्मकालीन ऋतु में ग्राम में पेयजल संकट जैसी समस्या का सामना ग्रामीणों को करना पड़ता हैं। वहीं 84 बीघा के इस तालाब से नजदीकी क्षेत्र भावखेड़ी, खेरी, ख्यावदा, खोईया, करमाज के साथ अन्य कई गांवों को नहर के द्वारा पानी पहुंचाया जाता था। जिससे इन ग्रामों के किसानों को भी खेती के लिए पानी उपलब्ध हो जाता था।

इनका कहना हैं।
आपके द्वारा उक्त मामला मेरे संज्ञान में लाया गया हैं मैं शीघ्र तहसीलदार को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश जारी करूंगा
एसपी,सीईओ जिला पंचायत