दंगा भडकाने के करैरा के 4 आरोपियो की सजा पर हाईकोर्ट ने लगाई आगामी आदेश तक रोक

भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मंदसौर किसान आंदोलन में हुए गोलीकांड के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने के 4 आरोपियों को भोपाल की एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट से मिली सजा पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है। जस्टिस जेपी गुप्ता की एकलपीठ ने मामले से जुड़े ट्रायल कोर्ट के रिकार्ड तलब किए हैं।

कोर्ट ने मामले में बनाए गए करैरा शिवपुरी निवासी 4 आरोपी दीपक गुप्ता, वीनस गोयल, नारायण जाटव और सतीश वर्मा को जमानत का लाभ देते हुए मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी 2020 को निर्धारित की है। इस मामले में कांग्रेस की तत्कालीन विधायक शकुंतला खटीक की सजा पर पहले ही स्थगन मिल चुका है।

भोपाल की एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट ने 30 नवंबर 2019 को 7 आरोपियों को 3-3 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन के अनुसार 8 जून 2017 को मंदसौर किसान आंदोलन में हुए गोलीकांड के विरोध में कांग्रेस की तत्कालीन विधायक शकुंतला खटीक के नेतृत्व में करैरा में प्रदर्शन कर रहे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला दहन कर रहे थे।

इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार शुरू कर दी। इससे उत्तेजित होकर विधायक शकुंतला ने भीड़ को उकसाते हुए कहा कि थाने में आग लगा दो, जो हाेगा देखा जाएगा। इस मामले में करैरा पुलिस ने शकुंतला सहित 7 आरोपियों के खिलाफ बलवा, आगजनी, आमजनों को उकसाने और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला पंजीबद्ध किया था।

आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि वे व्यापारी हैं और ट्रायल कोर्ट ने 14 जनवरी 2020 तक उनकी जमानत मंजूर कर ली है। आरोपियों ने मांग की कि उनकी जमानत अवधि बढ़ा दी जाए और उनके आवेदन के अंतिम निराकरण तक सजा पर स्थगन दे दिया जाए। दलील दी गई कि इस मामले की एक अन्य आरोपी शकुंतला खटीक को पहले ही राहत मिल चुकी है।