मातमी धुनों की बीच करबला में सुपुर्द-ए- खाक हुए ताजिए | Shivpuri News

शिवपुरी। मोहम्मद साहब के छोटे नवासे (नाती) हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में चेहल्लुम (चालीसवां) मनाने की परंपरा मुस्लिम समाज में प्रचलित है। कल चेहल्लुम के चलते रात भर ताजिए निकाले गए। इस दौरान जगह जगह खानपान के स्टाल लगाए गए। खिचड़ा के साथ साथ ठंडा पानी और अन्य वस्तुएं वितरित की गईं।

सभी ताजिए रात्रि में  माधव चौक चौराहे पर जहां मातमी धुनों पर हजरत इमाम हुसैन को याद किया गया। इस दौरान ताजिएदारों ने हैरतअंगेज कारनामे भी दिखाए। ताजियों मेें मौजूद अखाड़ों में शामिल युवाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। यह सिलसिला रात भर चलता रहा और सुबह ताजिए माधव चौक से चलकर विष्णु मंदिर हुसैन टैकरी पर  पहुंचे।

जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों की उपस्थिति में ताजियों को रखा गया। इसके बाद ताजिए करबला पहुंचे और गमगीन माहौल में ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने रो रोकर अपना दुख व्यक्त किया और या हुसैन या हुसैन कहकर हजरत इमाम हुसैन को याद किया।