परिवार परामर्श केन्द्र ने सुलझाई कई परिवरो की समस्या,2 साल से बिछडे बेटे को मां से मिलवाया

शिवपुरी। स्थानीय पुलिस कंट्रोल रूम में शनिवार को आयोजित परिवार परामर्श केंद्र के शिविर में कुल 14 प्रकरण लाए गए। इनमें 10 प्रकरणों में राजीनामा होकर एक रिकार्ड कायम किया। इस शिविर में कुल 19 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए थे। इनमें से 3 प्रकरणों में एक या दो पक्ष नहीं आए थे तथा 4 प्रकरणों को महिला थाने कार्रवाई के लिए वापस कर दिया गया। इस प्रकार कुल 14 प्रकरणों में परामर्श किया गया जिनमें 10 प्रकरणों में समझौता हुआ और पति पत्नि खुशी-खुशी एक साथ रहने को तैयार हो गए।


ग्वालियर जोन के आईजी राजाबाबू सिंह के कुशल मार्गदर्शन व प्रयासों से और शिवपुरी पुलिस कप्तान राजेशसिंह चंदेल की पहल और निर्देशन में चलाए जा रहे परिवार परामर्श के शिविरों में आपसी समझौतों कराकर परिवारों को टूटने से बचाने का अनुकर्णीय काम जिला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के द्वारा किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित रविवार के शिविर में 10 प्रकरणों का में राजीनामा हो गया।

शिवपुरी निवासी सविना का विवाह नासिर के साथ हुआ था। नासिर की पहली पत्नी से सात वर्षीय बच्ची भी थी। सविना का अपनी सास रविया बेगम से विवाद था। वह सास के द्वारा दुव्यवहार किए जाने का आरोप लगाती थी। काउंसलरों ने जब इस प्रकरण को सुना तो यह तय पाया कि ये विवाद पति-पत्नी के बीच न होकर सास और बहू के बीच में था।

उन्होंने सास और बहू दोनों पक्षों को सुना और समझाईश दी। इस प्रकरण में यह पाया गया कि नासिर और सविना अपनी सास से अलग घर लेकर रहेंगे और नासिर की पहली पत्नी की जो सात वर्षीय बच्ची है।

वह अपनी दादी के पास रहेगी। इसमें यह भी तय पाया गया कि दोनों पति-पत्नी अपनी सास को मिलने वाली दस हजार रूपए मासिक पेंशन में से कुछ नहीं लेंगे। पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह की मौजूदगी में बहू ने अपनी सास को माला पहना कर समझौता किया तो सास की आंखों से झरझर आंसू बहने लगे।


पत्नी को नहीं करने देता था नौकरी, अलग हुए, परामर्श केंद्र ने फिर एक कराया
एक अन्य प्रकरण में शिवपुरी निवासी रमेश का विवाह तीन वर्ष पूर्व शिवपुरी जिले के ही एक तहसील में रागनी के साथ तीन साल पूर्व हुआ था और इनके यहां कोई संतान नहीं है। पत्नी जहां बीएससी बीएड हैं तो पति भी सरकारी नौकरी करता है। इन दोनों के बीच इगो को लेकर विवाद था और पति-पत्नी को प्राइवेट स्कूल में नौकरी नहीं करने देने की जिद पर अड़ा था।

इस प्रकरण में काउंसलरों के साथ पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह और एएसपी गजेन्द्र सिंह ने भी भाग लिया और पति-पत्नी को समझाईश दी। इसमें बिगड़ी हुई बात एकाएक तब बन गई जब समझाईश के बाद पति-पत्नी को एक साथ एकांत में बात करने का मौका दिया गया और उन दोनों के बीच गिले शिकवे दूर हो गए। इस प्रकरण में काउंसलरों की समझाईश पर पति-पत्नी दोनों एक साथ एक माह रहेंगे और उसके उपरांत परिवार परामर्श केंद्र में आकर अपनी कैफियत देंगे।


शराब न पीने की शपथ दिलाकर एक कराया पति-पत्नी को
एक अन्य प्रकरण में भौंती के दबिया गांव निवासी रामू का विवाह खनियांधाना की मुहारी की रामो बाई के साथ चार वर्ष पूर्व हुआ था। उसके तीन साल का बेटा भी है, मगर उक्त बेटा दो साल से दादी के पास हैं।

मां ने दो साल से अपने बेटे को देखा भी नहीं था। इस प्रकरण में काउंसलरों की समझाइश के बाद दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया। पति ने शराब न पीने और दुव्यवहार न करने का बचन दिया। सोमवार को वह अपनी पत्नी की विदा कराने उसके गांव जाएगा।

यह रहे उपस्थित परिवार परामर्श केन्द्र के सदस्य
इस शिविर में एसपी राजेशसिंह चंदेल, एडीएसपी गजेंद्र कंवर, जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, एसआई कोमल परिहार, डॉ. डीके बंसल, भरत अग्रवाल, समीर गांधी, संतोष शिवहरे, हरवीरसिंह चौहान, राकेश शर्मा, महिपाल अरोरा, डॉ. इकबाल खान, राजेन्द्र राठौर, सुरेशचन्द्र जैन, सुरेन्द्र साहू, गीता दीवान, आनंदिता गांधी, श्वेता गंगवाल, उमा मिश्रा, डॉक्टर खुशी खान, श्वेता गंगवाल, प्रीति जैन, बिन्दु छिब्बर, स्नेहलता शर्मा, नमृता गर्ग, पुष्पा खरे सहित महिला सेल का स्टाफ मौजूद था।

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