बडा सवाल:अपना खोया स्वरूप पुन:प्राप्त कर सकेगा शिवपुरी का गणेश उत्सव,दे अपनी राय | Shivpuri News

शिवपुरी। गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरे देश में ही धूमधाम से मनाया जाता है परन्तु शिवपुरी के गणेश उत्सव ने भी अपनी एक पहचान बनाई हैं,लेकिन इस गणेशोउत्सव की धमक अब कम होती जा रही हैं। इस गणेशोउत्सव को पहचान दिलाने वाली शहर की प्रसिद्ध झांकिया अंचल झांकियो के बंद होने के कारण ऐसा हो रहा हैं। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष का कहना हैं कि हम इन झांकियो को लगवाने का पुन:प्रयास कर रहे हैं।  

विदित हो कि शिवपुरी मेें गणेश उत्सव शुरू करने के परपंरा आजादी से पूर्व सिंधिया राजवंश की महारानी जीजाबाई ने शुरू की थी और शहर ने इस परपंरा को आज तक जीवित रखा था । इसे शिवपुरी का गणेश उत्सव कहा जाता था, लेकिन एक समिति ने इसका नाम बदलकर श्री गणेश सांस्कृतिक समारोह कर दिया।

शिवपुरी में गणेश उत्सव पूरे 10 दिन तक चलता था। अचल झांकियों से इस उत्सव का शुभांरम माना जाता था और अत: में अन्नत चौदहस की रात मंदिरो और घरों में विराजे श्रीगजानन भगवान को लाग धूमधाम के साथ नाचते गाते विदा करते थे। समय के साथ अंनत चौदहस के दिन होने वाले समापन समारोह ने तो भव्य रूप ले लिया। गणेश जी के विमान के साथ-साथ चल झांकियो का चलन भी इस दिन शुरू हो गया। जो पिछली साल तक निर्वाध रूप से जारी था।

शहर में 10 दिन तक लगने वाली अचल झांकिया इस उत्सव की जान होती थीं। इन झांकियो को देखने शहर ही नही गावों से भी प्रतिदिन हजारों लोग आते थे। आज से दस वर्ष पूर्व शहर में अनेको मंदिरो की समितियों द्वारा अचल झांकिया लगाई जाती थी। पीछे देखा जाए तो अंनत चौहद्स की रात जितनी भीड-भाड और आंनद और उत्सव का महौल रहता था। यह माहौल अचल झाकियों के लगने से पूरे 10 दिन तक शहर में रहता था।

वैसे तो गणेश सास्कृतिक समारोह समिति शिवपुरी इस उत्सव में लगने वाली चल अचल और सुंदर गणेश जी प्रतिमाए आर्कषक विमान की प्रतोयगिता का आयोजन करती है। और यह समिति सन 1985 से सक्रिय है। यह समिति का अघोषित रूप से दावा है कि इस आयोजन को भव्य और आर्कषक बनाने में समिति का योगदान है। समिति भी इस आयोजन के जरिए साल में एक बार रिचार्ज हो जाती है।

10 दिन तक चलने वाले इस गणेशोउत्सव पर अनंत चौदहस बाली भीड प्रतिदिन रहती थी,लेकिन अब ऐसा नही हैं,कारण खोजा गया तो शहर की प्रसिद्ध् अचल झाकियो का बंद हो जाना। एमपीईबी की अंचल झांकी,बस स्टैंड पर लगने वाली अचंल झांकी,भैरोबाबा उत्सव समिति के दवारा लगाने वाली झांकी,जय शिव मंडल,ईच्छापूर्ण और बजंरग मंडल की अचंल झाकियो का बंद हो जाना।

समिति दावा करती हैं कि समिति के प्रयासो को कारण ही शहर के गणोशोउत्सव की इतनी धूम हैं,लेकिन इन समितियो के अंचल झांकी न लगने के प्रश्न पर गणेश सास्कृतिक समारोह समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष जैन ने कहा कि एमपीईबी की अचंल झांकी इस बार से शुरू हो रही हैं,बस स्टैंड के झांकी की बात करे तो रोडवेज विभाग के बंद हो जाने के कारण ही यह झांकी बंद हो गई।

भैरो बाबा उत्सव समिति में आपसी विवाद के कारण यह झांकी बंद हो गई हैं,जयशिव मंडल और बजरंग मंडल की झांकी पर विशेष कुछ कह नही सके। कार्यकारी अध्यक्ष ने बताया कि हमारा प्रयास हैं कि हम इन झांकियो को पुन:शुरू करवाए हैं,हम भैराबाबा उत्सव समिति के पास कई बार गए लेकिन कुछ निकल कर नही आया वे झांकी क्यो नही बना रहे,क्या कारण कोई ठोस जानकारी नही है।

कार्यकारी अध्यक्ष ने शहर में कई स्थानो पर अंचल झांकी लगने का दावा किया हैंं। लेकिन इस मामले में अपने राम का कहना हैं कि प्रयास अगर पूरे मन से किया जाता तो यह झांकिया पुन:शुरू हो सकती थी,लेकिन ऐसा हो नही रहा। शहर के गणेशोउत्सव पर चार चादं लगाने के लिए इन झांकियो का पुन:शुरू होना बहुत आवश्यक है।

समिति के सदस्यो को इन सभी झांकिया लगाने वाली समितियो से मिलना अवश्य चाहिए उनकी परेशानियो को हल करना भी चाहिए। समिति को यह भी सोचना होगा कि यह झांकीया क्यो बंद हुई। ऐसा कारण पुन:नही बने इस बारे मे सोचना चाहिए। शिवपुरी समाचार डॉट कॉम इस मुददे का लगातार उठता रहेगा।

अगर किसी को इन झांकियो के समिति का कोई सदस्य इस मुददे पर अपनी बात रखना चाहता हैं तो हमे इस 8959318001 नंबर कॉल करे,इसके अतिरिक्त शहर का कोई भी नागरिक इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता है तो वही भी संपर्क करे। हम उसकी प्रतिक्रिया प्रकाशित करने का प्रयास करेंगें।