हमें पूरी उम्मीद है कि प्रदेश में जल्द गिरेगी सरकार: यशोधरा राजे सिंधिया | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। घंटा, घडिय़ाल, शंख उठाएं, बहरी सरकार के कान पर बजाऐं, मध्य प्रदेश बचाएं, कांग्रेस भगायें घंटांनाद आंदोलन के तहत आज तात्याटोपे स्थली से रैली के रूप में प्रारंभ किया गया यह आंदोलन, शहर के विभिन्न मार्गोंं गुरूद्वारा चौराहा, माधव चौक, कोर्ट रोड़, अस्पताल चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेक्टर कार्यालय पहुंचे। पूरे भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल, मजीरे, घंटा, झींगा, एवं पेटी के साथ संकीर्तन करते हुए कांग्रेस सरकार को जगाने का काम किया। जिसमें कीर्तन में कहा कि न किसानों का कर्जमाफ हुआ, न युवा वेरोजगारों को रोजगार मिला, लेकिन इस समय सबसे बड़ो उद्योग ट्रांसफर उद्योग जरूर चल रहा हैं।

हम पहले ही दिन से कहते आ रहे हैं कि यह सरकार अंर्तविरोधों पर टिकी हैं और सबको साधने की जुगत में लूट की छूट दे रखी हैं। आज तक सरकार के तमाम मंत्री और विधायक लूट के माल के बंटबारे को लेकर आमने-सामने हैं, एक दूसरे को अपमान जनक तरीके से संबोधित करते हुए यह बताने की होड़ लगी हैं कि सरकार का कौन  सा हिस्सा कितना बड़ा माफिया है और इस सरकार को चलाने वाले कितने मुख्यमंत्री है। कांग्रेस के इस गृह युद्ध ने मध्य प्रदेश में संवैधानिक संकट जैसा खड़ा कर दिया हैं।

इतना ही नहीं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि हम भ्रष्टाचार बर्दास्त नहीं कर सकते हैं, या इस स्थिति का कुछ करो या निकलो, अब निकलने का समय नहीं भगाने का समय आ गया हैं। कांग्रेस सरकार ने जो खूली छूट दे रखी हैं हम इसे कतई स्वीकार नहीं करेंगे। आज यह आंदोलन मध्य प्रदेश व्यापी आंदोलन हैं हम जनता को बताना चाहते हैं कि हम संघर्ष करने वाले हैं। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष एवं शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया के नेतृत्व में एक ज्ञापन सौंपा जिलाधीश को सौंपा।

ज्ञापन में बताया है कि चाहे युवाओं के साथ ही धोखा, मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था के हालत बद से बदतर हैं। जिस प्रदेश को भाजपा की सरकार ने डाकू, नक्सली और सिमी के आतंकवादियों से पूरी तरह मुक्त करा दिया था उस प्रदेश में आज तीनों की आहट सुनाई देती हैं। गरीबों के लिए बरदान वनी प्रधान मंंत्री आवास योजना भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के राजनैतिक षडयंत्र का शिकार हो रही हैं। केन्द्र सरकार साढे आठ लाख मकान और बनाना चाहती हैं लेकिन दुर्भाग्य से राज्य सरकार ने उससे हाथ खींच लिया है।

जिससे 2022 तक सबको पक्का घर देने की मुहिम को गहरा झटका लगा हैं। इस अवसर पर जिले भर से आए भाजपा कार्यकर्ताओं में भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील रघुवंशी, विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पूर्व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त राजू बाथम, ओमी गुरू, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, देवेन्द्र जैन, पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक, रमेश खटीक, विष्णु जैमिनी काका, प्रीतम लोधी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष भानू दुबे, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष दिनेश रावत, सुरेन्द्र शर्मा, महिला मोर्चा अध्यक्ष बीनू शर्मा, रामस्वरूप रिझारी, संजय गौतम, अशोक शिवहरे, मुकेश सिंह चौहान, अजीत जैन, हरिओम राठौर, कपिल जैन, सोनू बिरथरे, हरिओम काका, अजय भार्गव, डॉ. तुलाराम यादव, विपुल जैमिन, दिलीप मुदगल, गिर्राज शर्मा, गजेन्द्र सिंह यादव, अशोक खण्डेलवाल, राकेश राठौर, डॉ. रश्मी गुप्ता, अमित भार्गव, अनुराग अष्ठाना, राजकुमार खटीक, लालजीत आदिवासी, आलोक बिंदल, जयसिंह खटीक, विष्णु राठौर, अरूण पंडित, सरोज धाकड़, लक्ष्मी जाटव, सुषमा ओझा, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

पानी देने में विफल रही हैं नपा, अध्यक्ष दें इस्तीफा: यशोधरा राजे सिंधिया

भाजपा के घंटांनाद आंदोलन के तहत शिवपुरी विधायक यशोधरा राजे सिंधिया से पत्रकारों ने कहा कि मंडीखेड़ा को लेकर अभी तक कुछ नहीं हो पाया हैं। इस सवाल के जवाब में विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि इसका जवाब नगर पालिका से पूंछें, मुझे जो करना था मैनें कर लिया। नगर पालिका यदि इस पर विफल होती हैं तो उसका अस्तित्व नहीं हैं रहने का हमारे नगर पालिका अध्यक्ष को हाल ही हाल अपनी रेंजीडेंसन देनी चाहिए। 6 माह में टंकी डिस्ट्ीब्यूसन लाईन जोड़ कर अपने लोगों को और पानी नहीं दे सकते हैं। मैनें अपना काम पहले ही कर दिया हैं वो अपना काम जल्दी से करें नहीं हमें उनके खिलाफ भी संघर्ष करना पड़ेगा।

यशोधरा राजे व वीरेन्द्र की दूरिया रही चर्चा का विषय

एक बार फिर घंटानाद आंदोलन के मार्तत कोलारस एवं शिवपुरी विधायक के बीच दूरियां खुलकर सामने आ गईं हैं। यशोधरा के पहुंचने से पहले वीरेंद्र अपना काम करके निकल गए थे। उनका कहना था कि उनको किसी ने सही टाइमिंग एवं लोकेशन ही नही बताई। बहुत देर हो गई तो मैं अकेला ही नही जिले के बहुत सारे नेता वहां से जा चुके थे। दूसरी तरफ कोलारस विधायक जो पूरे समय आंदोलन में मौजूद थे और कलेक्ट्रेट में सरकार विरोधी नारे भी लगाए वे राजे के आने से ठीक पहले ही वहां से जा चुके थे।

विधायक रघुवंशी ने आंदोलन के नेतृत्व कर रहीं पूर्व मंत्री के आने से पहले ही वहाँ से चले जाने के सवाल का जबाब देते हुए कहा कि मैं तय समय पर कार्यक्रम में पहुंच गया था। और काफी दूर तक पैदल भी चला। 20 मिनिट तक कलेक्ट्रेट परिसर ने सरकार के विरोध नारे भी लगाए जिसको सबने देखा है। लेकिन शीर्ष नेतृत्व जब काफी समय तक आंदोलन में नही शामिल हुआ तो मैं और मुझ जैसे कई नेता कार्यकर्ता उस जगह से है चुके थे। इसलिए अगर कोई समय पर नही आएगा तो कितनी देर तक हम वहां रुकते। भाजपा में इन दोनों नेताओं की दूरियां कम होने का नाम नही ले रही हैं। इसकी चर्चा आज दिन भर जिले में रही।