भावखेडी मर्डर काण्ड: मंदिर में दर्शन नही करने देते, घर से स्कूल में खाने को बर्तन लेकर जाते है बच्चे | kolaras News

सत्येन्द्र उपाध्याय/शिवपुरी। अभी हाल ही में जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में हुए डबल मर्डर में एक के बाद एक खुलासे सामने आ रहे है। जिसमें मृतक के परिजन गांव के ही लोगों पर छूआछूत सहित समाज से अलग रखने का आरोप लगा रहे है। यहां तक तो आरोप ठीक है। परंतु अब जो आरोप सामने आए है वह हर किसी को सोचने को मजबूर कर रहे है। यहां शिक्षा के प्रथम मंदिर में ही स्कूल के टीचर  उक्त परिवार के बच्चों के साथ अछूतों जैसा व्यवहार करते है ।

आज शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम इस घटनाक्रम के बाद भावखेडी गांव पहुंची। जहां हालात यह मिले की पूरा गांव पुलिस की छावनी बना हुआ है। यहां पुलिस के बज्र वाहन सहित पूरे गांव में पुलिस तैनात है। मृतको की मां अपने मासूमों को छिन जाने से सदमें से नहीं उभर रही है। दोनों आरोपीयों के घरों पर ताले लगे हुए है। पूरा परिवार गांव छोडकर भाग गया है। गांव के ही लोगों ने उनके मवेशीयों को खोल दिया है। जिससे वह अपना पेट गांव में ही से भर रहे है।

जब शिवपुरी समाचार डॉट कॉम की टीम ने मृतक के परिजनों से पूछताछ की तो सामने आया कि उक्त पूरे गांव में उनके साथ छूआछूत का व्यवहार किया जाता है। जब उनकी बच्चे गांव के ही मंदिर पर जाते है तो उन्हें मंदिर पर नहीं चढने दिया जाता। मृतक की दो बहिनों ने रोते हुए बताया कि उनके इकलौते भाई के दोनों आरोपीयों को फांसी की सजा होना चाहिए। उसके बाद बहिन काजल और पूनम ने बताया कि वह कक्षा 7 की छात्रा है। उसके साथ स्कूल में भी शिक्षक सहित पूरे बच्चे छूआछूत का व्यवहार करते है।

काजल ने बताया कि उनके साथ स्कूल में शिक्षक अलग से बिठाते है। सभी छात्र टाटपट्टी पर बैठते है। परंतु हमें स्कूल में बैठने के लिए अपने घर से टाटपट्टी ले जानी पढती है। काजल ने बताया है कि स्कूल में मिलने बाले मिड डे मिल में भी उनके साथ दौहरा बरताव किया जाता है। सभी छात्रों को स्कूल की ही थालीयों में मिड डै मिल मिलता है। जबकि उनको अपने घर से बर्तन ले जाने पढते है।

मासूमों के पिता ने बताया है कि यहां हमारी ही स्थिति यह है कि यहां हमें मंदिर पर नहीं चढने दिया जाता। कभी बच्चे पहूुंच जाते है कि तो यह कहते है कि जतिसूचक गालियां देते कहते थे कि मंदिर पर तेरे बच्चे आए तो खेर नहीं। मृतक का पिता दहशत में दिखाई दिया। उसने बताया कि आरोपीयों से उसको डर है। अभी दो लोग ही जेल में गए है। बाकि आरोपीयों का लंबा परिवार है। उनपर बंदूक है। वह बंदूक का डर दिखा कर हमें गांव में नहीं रहने देगे। जिसके चलते अब पीडित परिवार गांव में दहशत में नहीं रहना चाहता।

इनका कहना है
हां यह दोनोंं बच्चीयां हमारे मिडिल स्कूल में ही पढती है। जबकि इनका भाई प्राईमरी स्कूल में था। हमारे स्कूल में सभी बच्चों के लिए बर्तन उपलब्ध है। साथ ही स्कूल में बच्चों के साथ कोई भी ऐसा व्यवहार नहीं किया जाता। अब बच्चे आरोप क्यों लगा रहे है यह समझ से परे है।
सतीश वर्मा,प्रसीपल,शासकीय मिडिल स्कूल भावखेडी

अगर बच्चे ऐसा आरोप लगा रहे है तो यह गंभीर आरोप है। हम मामले को दिखबा लेते है। अगर ऐसा पाया गया तो हम गंभीर एक्सन लेकर कार्यवाही करेंगे।
अंगद सिंह तोमर,बीआरसीसी शिवपुरी।