राजनीति इन दिनो: भाजपा कोलारस में मंडल अध्यक्ष को लेकर घामासान,टांग खिचाई शुरू | kolaras News

कोलारस। भारतीय जनता पार्टी के संगठन के चुनाव नजदीक हैं और चुनावों के लिए प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसके तहत सबसे पहले पार्टी जिले के सभी मंडलों में बूथ स्तर की कमेटियों का गठन कर उनके अध्यक्षों का चुनाव करेगी। उसके बाद सभी मंडलों के अध्यक्ष का निर्वाचन किया जाना प्रस्तावित है।

कोलारस मंडल की बात करें तो यहां पर चुनाव प्रभारी जिला महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा गुरु एवं सह प्रभारी भाजपा के वरिष्ठ नेता शंकर लाल रावत बनाए गए हैं। अभी तक कोलारस मंडल के अध्यक्ष के लिए जो नाम सामने निकल कर आए हैं उनमें से भाजपा नेता विपिन खेमरिया जो वर्तमान मंडल अध्यक्ष है,पिछली बार कोलारस नगर पंचायत का चुनाव हार गए थे।  

वही इस नाम के पीछे गुरप्रीत चीमा, जयपाल जाट,शिव कुमार चौहान एवं बृजेंद्र रघुवंशी का नाम भी बडी ही दमदारी से चल रहा हैं। कोलारस में सुस्त पड़े मंडल एवं कमजोर कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करना है तो तेज तर्रार नेता जयपाल जाट को मंडल अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

जयपाल जाट वर्तमान में पिछड़ा वर्ग मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हैं,और पार्टी के तरफ से नगर पंचायत में वरिष्ठ पार्षद भी रह चुके हैं। वहीं तीन बार कोलारस मंडल के अध्यक्ष रहे बाबू सिंह चौहान के पुत्र शिव कुमार चौहान भी इस रेस में बने हुए हैं।

शिवकुमार कोलारस मंडी में डायरेक्टर भी रहे हैं एवं शिवपुरी महाविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गुरप्रीत चीमा को भी कोलारस मंडल में मंडल अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर रस्साकशी तेज हो गई है।चीमा फिलहाल किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता उदय सिंह रघुवंशी के पुत्र विजेंद्र रघुवंशी भी इस दौड़ में शामिल है साथ ही वर्तमान मंडल अध्यक्ष विपिन खेमरिया को भी संगठन पुनः मण्डल अध्यक्ष बनाए जाने पर विचार कर सकता हैं। बताया जा रहा हैं कि भाजपा का एक धडा वर्तमान मंडल अध्यक्ष की का पुरूजोर विरोध कर रहा हैं।

स्थिती यह हैं कि विपिन नही कोई ओर सही। कुलमिलाकर अभी सगठन में मंडल अध्यक्ष को लेंकर दौड शुरू हो चुकी हैं। नेता एक दूसरे की टांग खिचाई कर रहे हैं। संगठन को ऐसे किसी व्यक्ति को अपना मंडल अध्यक्ष की ताजपोशी करनी चाहिए जिससे कम मात्रा में असतोंष की उपज हो। कार्यकर्ता हो एक जुट कर सके और कांग्रेस की कमियो पर अपनी सूझबूझ से हमले कर सके।