DM मेडम सर, RTO मेडम मधु​सिंह की इस खबर को शिकायत समझ कार्रवाई करे | खुला खत @ Lalit Mudgal

शिवुपरी। दिनाक:15 सितंबर 2019 | श्रीमान कलेक्टर महोदय शिवपुरी
विषय:आरटीओ शिवपुरी मधुसिंह ने बसो के भ्रुगतान में नियम विरूद्ध् जाकर अपने चहेतो को लाखो रूपए के भुगतान कराने बाबत
सेवा में
महोदय से निवेदन हैं कि शिवपुरी के आरटीओ पद को सुशोभित कर रही मधुसिंह ने बसो के भुगतान के मामले में नियमो का उलघन्न कर अपने चेहतो को लाखो रूपए की भुगतान करा दिया। यह मामला शिवपुरी की मिडिया से होते हुए विधानसभा में उठा था,लेकिन कोई कार्रवाई नही हुई। घोटाला स्वयं प्रमाणित हैं और स्वयं सिद्ध् हैं। इस खुले खत को शहर की जनता की ओर शिकायत कर जांच के आदेश कर नियमविरूद्ध् कार्यवाही करने की कृपा करे।

यह है मामला साक्ष्य के सहित

जैसा कि विदित हैं पिछले वर्ष 2018 जुलाई में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी का कार्यक्रम पिछोर में हुआ था जिसमे वाहनों की व्यवस्था जिला परिवहन कार्यालय से कराई गई थी, जिसमे 47 लाख रुपये का भुगतान जिला पंचायत शिवपुरी ने जिला परिवहन अधिकारी के पत्र के आधार पर किया।

यह पूरा मामला शिवपुरी की मीडिया ने उठाया था। आरटीओ शिवपुरी मधुसिंह के इस भ्रष्ट्राचार का मामला प्रश्न बनकर विधानसभा में भी उठा था, लेकिन परिवहन विभाग के मंत्री गोविंद सिंह ने विधानसभा ने जबाब दिया था कि उक्त भुगतान की प्रक्रिया में परिवहन विभाग दवारा ना तो भुगतान प्राप्त किया हैं और न ही किसी को भुगतान किया गया हैं।

कार्यक्रम हेतु उपलब्ध कराई गई बसों का भुगतान सीईओ जिला पंचायत शिवपुरी दवारा किया गया। अतं:परिवहन विभाग के किसी भी अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध् किसी प्रकार की कोई कार्यवाही की स्थिति निर्मित नही होती हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता विजय शिवपुरी ने इस मामले के दास्तावेज जिला पंचायत विभाग से सूचना के अधिकार के तहत लिए। इन दास्तावेजो में वह पत्र हैं जिसके आधार पर जिला पंचायत विभाग ने बसो को पेमेंट किया हैं।

इस पत्र को आरटीओ शिवुपरी ने क्यू में लिखा हैं,इस पत्र पर ही सवाल खडे हो गए कि ऐसी कौनसी ऐमरजैंसी थी उकत भुगतान के ओदश का पत्र क्यू में घर पर ही लिखा गया। यह पूरा घोटाला आरटीओ ने सोची समझी रणनीति के तहत किया गया हैं भुगतान के लिए जिला पंचायत विभाग के लिए पत्र क्यू में लिखा जाना ही सबसे बडा प्रमाण हैं।

आरटीओ शिवपुरी ने इस पत्र में जिला पंचायत को भुगतान करने वालो के नाम लिखे हैं,पत्र में 5 बसों के मालिक के नाम 25 बस का भुगतान किया है,उनमें से कई ऐसे लोग है जिनके नाम कोई बस पंजीकृत नही है और न ही कोई वैध लाइसेंसधारी ट्रेवल्स एजेंसी के संचालक हैं।

उक्त भुगतान पुष्पेंद्र यादव और अशोक नागपाल के नाम एक भी बस पंजीकृत नही है और न ही कोई ट्रेवल्स एजेंसी पंजीकृत हैं। आरटीओ ने जिलापंचायत को न तो यात्री बसों की कोई सूची नही दी। बसे कितनी ओर कोन कोन सी बस रैली में गयी थी जिनके लिए भुगतान प्राप्त किया हैं।ओर न ही उन यात्री बसों की लोग बुक जिला पंचायत में जमा की है जिससे पता चले कि कौन सी बस कितने किलोमीटर चली हैं।

उनके हाथ से लिखे गए पत्र और जिला पंचायत की नोटसीट साफ साफ बयां कर रही है कि भुगतान किसके कहने पर किया गया हैं यह 18 लाख का घोटाला पूरे षंडयत्र पूर्वक पकाया गया हैं।

जिला पंचायत विभाग ने भी विधानसभा में उठाए गए प्रश्नो के उत्तर में जबाब में स्पष्ट लिखा हैं कि उपरोक्त बसो का अग्रिम भुगतान आरटीओ के पत्रो के आधार पर किया गया हैं। वाहन मालिको या प्रतिनिधियो द्धवारा इस कार्यालय में बिल लॉगबुक जिला परिवहन अधिकारी के प्रमाणिकरण सहित प्रस्तुत नही किए हैं। जिससे उनकी शेष रााशि का भुगतान नही हो सका हैं।

श्रीमान जी कुल मिलाकर जिला पंचायत विभाग भी स्वीकार कर रहा हैं कि बसो की लॉगबुक,बिल जिला परिवहन अधिकारी के कार्यालय में नही हैं,ना ही उन्होने प्रमाणिकरण किया हैं फिर भी अपने चहेतो को पेमेंट दिलाने के उददेश्य से जिला पंचायत को भुगतान सबंधित पत्र लिख दिया। इससे स्पष्ट हैं कि यह घोटाला सोच समझकर पकाया गया हैं। अत:श्रीमान से निवेदन हैं कि इस खबर को शिकायत समझ कर जांच के ओदश करने का कष्ट करे।