कुपोषण का कहर: कोलारस नगर में मिले 22 कुपोषित बच्चे | kolaras News

कोलारस। प्रशासन की टीम गुरुवार को कोलारस नगर और ग्रामीण अंचल में कुपोषित बच्चों को चिन्हत करने के लिए निकली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ पहुंची टीम को नगर में ही 22 बच्चे कुपोषित मिले। वहीं जब कोलारस से सटे ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन की टीम ने पहुंचकर कुपोषितों की पहचान की तो पता चला कि दर्जनों बच्चे इन गांवों में ऐसे थे, जो कुपोषण की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।

प्रशासन की टीम इन बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में उनकी माताओं के साथ लेकर कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंची, जहां सभी बच्चों का परीक्षण किया गया। जो गंभीर कुपोषित बच्चे पाए गए, उनको कोलारस एनआरसी में भर्ती कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है।

नगर में ही मिले 22 बच्चे

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ कुपोषित बच्चों का पता लगाने गुरुवार सुबह जब महिला बाल विकास की टीम नगर के वार्डों में पहुंची। वहां पर 22 बच्चे किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित पाए गए। नगर के वार्ड क्रमांक 9 में 8 बच्चे, वार्ड क्रमांक 15 में 2 बच्चे, वार्ड 2 में 4 बच्चे, वार्ड 1 में 4 बच्चे, वार्ड 3 में 2 बच्चे और वार्ड क्रमांक 12 में 2 बच्चों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। इन बच्चों का परीक्षण किया जा रहा है।

इन गांवों से इलाज के लिए लाए गए बच्चे

कोलारस क्षेत्र के ग्राम गोपालपुरा, गुगवारा, शंकरगढ़, कूढ़ा, सरजापुर, भड़ौता, बैरसिया, सनवरा सहित अनेक गांवों में प्रशासन की टीम कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने पहुंची। इन गांवों से दर्जनों बच्चों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में उनके माता-पिता के साथ लेकर प्रशासन की टीम दोपहर बाद कोलारस स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई। यहां बच्चों का परीक्षण किया गया और जो बच्चे गंभीर कुपोषित थे उनको एनआरसी में भर्ती कराया जाएगा।

बच्चों को आजीविका मिशन से जोड़ा जाए

महिला बाल विकास परियोजना कोलारस की अधिकारी पूजा सोनी का कहना था कि गुरुवार को जिन बच्चों को गांव व नगर से परीक्षण के लिए कोलारस लाया गया है। उनमें से जो कुपोषित बच्चे चि-ति हुए हैं, उनको आजीविका मिशन से जोड़ा जाएगा। बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं से लाभान्वित किया जाएगा। फिलहाल बच्चों का परीक्षण किया जा रहा है। वहीं जो बच्चे ज्यादा कुपोषित हैं, उनको एनआरसी में भर्ती करवाया जाएगा।