सस्पैंड TI सिकरवार ​ने विधायक रघुवंशी को बताया अवैध धंधे वाला | KOLARAS, SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। कोलारस से सस्पैंड टीआई सुरेन्द्र सिंह सिकरवार ने एक चैनल में सक्षात्कार देते हुए कोलारस के पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी पर अवैध उत्खनन के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाते हुए उन्होने अपने ही थाने मे तैनात अधीन्स्थ एसआई चौहान पर गलत एफआईआर करने का आरोप लगा दिया कि जब ऐक्सीटेंड के मामले के मामला दर्ज हुआ जब में थाने में नही था।

इस खबर को पढने से पूर्व हम पाठको को अवगत करा दे कि एसपी राजेश सिंह चंदेल ने अपना पदभार ग्रहण करते ही कोलारस टीआई की शिकायतो को लेकर लाईन अटैच कर दिया था लेकिन टीआई अपनी राजनीति पकड के चलते एसपी शिवपुरी को अपना आदेश बदलना पडा था।

रविवार को हुए घटनाक्रम में ज्ञात आरोपी बीके माथुर के थाने में होते हुए भी अज्ञात पर एफआईआर कर दी थी। इसके कारण कोलारस थाने का घेराव कोलारस वीरेन्द्र रघुवंशी ने  अपने समर्थको के साथ कर दिया। चूकि थाने के घेराव से पूर्व ही एसपी शिवुपरी ने कोलारस थाने के टीआई सिकरवार को सस्पैंड करते हुए जांच के आदेश कर दिए थ।

अक्सर देखा गया हैं कि कोई पुलिसकर्मी कभी अपने उपर विभागीय कार्रवाही के बाद मीडिया के सामने नही आते,लेकिन सस्पेंड टीआई ने मीडिया के कैमरे पर आकर विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी के खिलाफ बयानवाजी कर दी।

टीआई सिकरवार ने कहा कि कोलारस विधायक का क्षेत्र में बड़े जोरो से अवैध उत्खनन का धंधा चला आ रहा था। जिनके 50 से 60 डफर बिना रायल्टी के गुना की ओर जाते थे जिसकी मुझे जानकारी मिली जिसके बाद मामले से अधिकारीयो को आवगत कराया चूंकी अधिकारीयो के निर्देश थे की किसी भी क्षेत्र में अवैध उत्खनन को कोई गतिविधी न हो पाए।

इस बाबत मेरे द्वारा वीरेन्द्र रघुवंशी के भाई उनके साले के पांच डंपर मेंने जप्त किये जो आज भी अमोलपठा चैकी क्षेत्र में रखे हुए है। जो की अवैध उत्खनन करते जा रहे थे। इसके बाद 5. फरवरी 2019 को वीरेन्द्र रघुवंशी का साला जिसकी गुंडागिर्दी क्षेत्र में चरम पर थी जो की डपरो को बिना रायल्टी के बिना टोल टैक्स दिये पूरनखेड़ी टोल से निकालने के लिए दबाब बनाता रहा था।

उसी समय टोलकर्मियो से टोल मांगने को लेकर झगड़ा हो गया जिसके बाद गोलू रघुवंशी और साथियो ने टोल कर्मियो की मारपीट की जिसके बाद थाने में टोल कर्मियो की फरियाद पर वरिष्ठ अधिकारीयो के मार्गदर्शन में गोलू रघुवंशी और अन्य तीन लोगो के खिलाफ गंभीर धाराओ के तहत मेरे द्वारा किया गया।

जिसके बाद वीरेन्द्र रघुवंशी मुझसे द्वेश रखने लगे। जिसके बाद रविवार को एक कार से बाईक के साथ हादसा हुआ और पुलिस टीम मौके पर पहुंचाई में स्वयं मौके पर गया और घायलो को ईलाज के लिए अस्पताल रैफर किया घटना स्थल पर हंगामा होने लगा जिसके बाद में देहरदा तिराहे पर चला गया और लुकवासा चौकी प्रभारी वाहन चालक को लेकर थाने आ गये इस दौरान मेरी अनुपस्तिथी में सुनील सिंह राजपूत एसआई ने मामला दर्ज कराया गया जिसके बाद विवाद शुरू हुआ की चालक का नाम नही था।

चूंकी मेरी अनुपस्थिती में मामला सुनील राजपूत दर्ज कर रहे थे तो उनहे देखना था की आखिर ऐसा क्यूं हुआ। इसके बाद वीरेन्द्र रघुवंशी ने पिछली बातो को लेकर इस हादसे बाले मामले को लेकर चक्काजाम और हंगामा किया और मेरे विरूद्ध् षडयंत्र पूर्वक कार्यवाही कराकर मुझपर कार्यवाही कराई गई है। जबकी में एफआईआर के समय थाने पर मौजूद नही था यह सब सुनील सिंह राजपूत ने अपनी मर्जी से किया है मुझे अवगत नही कराया