सिंधिया की शिवपुरी में सोयाबीन नहीं बिकती, कमलनाथ के छिंदवाड़ा में काजू की खेती होगी

भोपाल। ज्योतिरादित्य सिंधिया जानना चाहते हैं कि शिवपुरी की जनता उन्हे वोट क्यों नहीं देती। यह बताने की जरूरत नहीं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को मध्य प्रदेश का सबसे ताकतवर कांग्रेस नेता माना जाता है परंतु क्या वो अपने क्षेत्र के लिए उतना ही काम करते हैं, जितना कमलनाथ या कांग्रेस के दूसरे नेता करते हैं। 

शिवपुरी की मंडियों की हालत बताने की जरूरत नहीं। यहां हम्माल से लेकर मंडी सचिव तक सबका फोकस भ्रष्टाचार पर होता है। ​किसान हित संरक्षण के लिए गठित मंडी कार्यालय में किसानों के शोषण की साजिश रची जाती है। हालात यह हैं कि मंडियों में किसानों को सोयाबीन तक के उचित मूल्य नहीं मिल पाते। ज्योतिरादित्य सिंधिया को किसानों से वोट तो चाहिए परंतु किसानों के लिए उन्होंने अपने पहले निर्वाचन से अब तक क्या किया, शोध का विषय है। 

इधर कमलनाथ अपने क्षेत्र को विकसिति करने के लिए मुख्यमंत्री पद का पूरा उपयोग कर रहे हैं। उनके निजी प्रभाव वाले 4 जिलों बैतूल, सिवनी, बालाघाट एवं छिन्दवाड़ा में 2000 हेक्टेयर क्षेत्र में काजू की खेती की जायेगी। इस खेती के लिए किसानों को सरकारी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को हाल ही में कर्नाटक राज्य के उडुपी में काजू की खेती के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण दिलवाया गया। प्रशिक्षण में चारों जिले के उद्यानिकी अधिकारी शामिल हुए।