लटकी है दिल्ली में फाईल, नही बन पा रहा है यह 6.50 किमी सड़क का टूकडा, 300 करोड लागत बडी

शिवपुरी। ग्वालियर से शिवपुरी तक 125.3 किमी लंबी फोरलेन सड़क का प्रोजेक्ट लगभग पूर्ण् हो चुका हैं। लेकिन इसी प्रोजेक्ट में शामिल रहा शिवपुरी के नजदीक नेशनल पार्क सीमा का 6.50 किमी का हिस्सा अभी तक फोरलेन में तब्दील नहीं हो पाया है। पार्क प्रबंधन के अड़ंगा डालने से यह काम अटका हुआ है।

ग्वालियर-शिवपुरी हाईवे काम पिछले वर्षो में लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन नेशनल पार्क सीमा में 6.50 किमी का हिस्सा आठ साल बाद भी फोरलेन नहीं हो सका है। फोरलेन सड़क बनाने में नेशनल पार्क प्रबंधन के अड़ंगा लगाने के बाद से एनएचएआई इस मामले का आठ साल में निराकरण नहीं कर पाया है।

मामले के निराकरण में देरी होने के चलते पिछले साल प्रोजेक्ट से पार्क सीमा का 6.50 किमी का हिस्सा अलग कर दिया गया और दूसरा प्रोजेक्ट तैयार का मंजूरी के लिए दिल्ली भेज दिया गया। वाइल्ड लाइफ दिल्ली में दूसरे प्रस्ताव को भी मंजूरी नहीं मिल पा रही है जिससे अधूरे हिस्से में फोरलेन सड़क नहीं बन पा रही है।


6.50 किलोमीटर सड़क पर बनाए जाएंगे 9 बड़े और 8 छोटे पुल
पूरे प्रोजेक्ट से नेशनल पार्क सीमा का 6.50 किमी का हिस्सा अलग करके नया प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें 17 छोटे-बड़े पुल बनाए जाना प्रस्तावित है। इनमें नौ बड़े और आठ छोटे पुल शामिल हैं। पार्क सीमा होने की वजह से वन्य प्राणी इन्हीं पुल के नीचे से होकर आ-जा सकेंगे। फोरलेन बनने से ग्वालियर आने-जाने वाले लोगों को सुविधा होगी।

300 करोड़ रुपए से बनेगी 6.50 किलोमीटर लंबी सड़क

एनएचएअाई ने नेशनल पार्क की साढ़े छह किमी लंबी सड़क का नया प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसकी अनुमानित लागत 300 करोड़ रुपए है। वाइल्ड लाइफ दिल्ली से अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाने से एनएचएआई टेंडर जारी नहीं कर पा रहा है। मंजूरी में जितना ज्यादा समय लगेगा, उतनी ही लागत भी बढ़ती जाएगी।

हम प्रस्ताव भेज चुके,निराकरण दिल्ली से होना है

नेशनल पार्क सीमा में 6.50 किमी रोड का अलग प्रोजेक्ट तैयार किया है जिसकी वाइल्ड लाइफ दिल्ली से मंजूरी होना है। एस्सेल कंपनी द्वारा छोड़े गए बैलेंस वर्क का प्रस्ताव भी अपने विभाग को दिल्ली भेजा है। दोनों मामलों में निर्णय दिल्ली से होना है, हम अपना काम कर चुके हैं। राजेश गुप्ता, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई, शिवपुरी