Ads 720 x 90

जिला न्यायालय में कार्यशाला: कार्य क्षेत्र पर लैंगिग उत्पीडन हुआ तो समिति करेंगी जांच | Shivpuri News

शिवपुरी। कानून में पहले सुलह का प्रावधान है। यदि पुरुष कोई अनुचित कृत्य की पुनरावृत्ति करता है तो इसके लिए समिति गठित है वह जांच के बाद आवश्यक कदम अवश्य उठा सकती है। यह बात जिला न्यायालय में महिलाओं के साथ कार्यक्षेत्र में यौन उत्पीड़न विषय पर आयोजित हुई कार्यशाला में अपर जिला जज प्रमोद कुमार ने कही।

बुधवार को जिला न्यायालय के एडीआर भवन में आयोजित यह कार्यशाला जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरीश वर्मा के सानिध्य में हुई जिसमें श्री वर्मा ने कहा कि वर्तमान में सभी कार्यस्थल पर महिलाओं का प्रतिशत बढ़ गया है। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर पहले साथी कर्मचारी से बातचीत करें।

तदुपरांत समिति सदस्य के समक्ष परिवाद प्रस्तुत करें। अपर जिला न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा ने कहा कि यदि किसी महिलाकर्मी साथी पुरुषकर्मी के व्यवहार से व्यथित है, तो वह समिति के समक्ष अपनी लिखित और मौखिक शिकायत दर्ज करा सकती है। समस्त कार्रवाई गोपनीय रखी जाती है। इस दौरान जिला विधिक सेवा अधिकारी शिखा शर्मा के साथ महिला स्टाफ और कर्मचारी मौजूद थे।

दरअसल सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशन में विशाखा विरुद्ध राजस्थान राज्य के प्रकरण में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में गाइड लाइन जारी की गई है जिसके तहत महिलाओं को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम पारित किया गया है।

जिसके अनुसार जहां-जहां महिलाएं कार्यरत हैं, वहां आंतरिक परिवाद समिति गठित किया जाना है। इसी क्रम में कार्यशाला आयोजित हुई जिसमें अपर जिला न्यायाधीश सिद्धि मिश्रा को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा एडवोकेट और महिला कर्मचारी सदस्य हैं।