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चांद पाठा फुल, मडीखेडा डैम अभी भी प्यासा, पिछले वर्ष से 61 मिमी कम बारिश | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। पूरी जूलाई सूखी बीत जाने के बाद अगस्त माह में जिले में लगतार बारिश हो रही हैं,लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई हैं।इसके बाबजूद भी चांदपाठा तालबा लबालब भर गया हैं। लेकिन मडीखेडा बांध के अभी प्यासे होने की खबर हा रही हैं।

जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष 9 अगस्त तक 2018 तक 489.37 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जबकि इस बार अब तक सिर्फ 428 मिमी हुई है। अगस्त माह में सिर्फ 20 दिन बचे हैं। अभी मौसम वैज्ञानिको का कहना हैं कि 12 और 13 अगस्त को शिवुपरी में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

कम बारिश के बाबजूद पूरा भरा चांदपाठा

शहर के आधे वार्डाें को पानी उपलब्ध कराने वाली चांदपाठा झील की कुल भराव क्षमता 1132 फीट है। यह इस बार 9 अगस्त को ही इसलिए भर गया क्योंकि पिछले साल इस झील के रुकाव स्थल में दरार आ गई थी।

इसके भराव के बाद इस झील से पानी का रिसाव बंद हो गया। चूंकि पिछली बार बारिश अधिक थी और पानी का रिसाव इस बार नहीं हुआ, इस वजह से इसकी भराव क्षमता महज 7 फीट खाली थी। इसी वजह से यह झील बारिश कम होने के बाद भी भर गई। पिछली बार 18 अगस्त को चांदपाठा फुल हुआ था।

मडीखेडा डेम अभी भी प्यासा

मड़ीखेड़ा डेम इस समय 5.50 मीटर ही खाली है। इसकी भराव क्षमता 346.25 मीटर है। इस डेम में जिले में कम बारिश के बावजूद पानी इसलिए आ गया क्योंकि इसका कैचमेंट एरिया गुना, अशोकनगर और विदिशा जिले से जुड़ा है।

वहां इस बार अच्छी बारिश हुई है और इस वजह से वहां का पानी कैचमेंट एरिए के जरिए इस डेम में आ गया। हालांकि अभी यह डेम 5.50 मीटर तक खाली है। लेकिन गत वर्ष 2018 में यह 4 सितंबर को फुल हो गया था और विभाग को मड़ीखेड़ा के चार गेट खोलकर पानी बाहर निकालना पड़ा था।

यह है मौसम की भविष्यवाणी

मौसम वैज्ञानिक उदय सरवटे की मानें तो बंगाल की खाड़ी में बने प्रेशर के बाद ग्वालियर चंबल संभाग में लो प्रेशर रहा। यही कारण है कि पानी शिवपुरी सहित ग्वालियर और आसपास कम गिरा। इस अंचल में अगस्त महीने में अच्छी बारिश होती है और उम्मीद है कि 12-13 अगस्त को यहां अच्छा पानी गिरेगा।

ऐसा इसलिए क्योंकि बंगाल की खाड़ी से जो हाई प्रेशर गुजरेगा, उस क्षेत्र में शिवपुरी भी शामिल है। इस दौरान तेज बारिश की आंशका है। लेकिन सितंबर में यहां कम बारिश होती है। इसलिए अगस्त महीने की बारिश ही शिवपुरी के लिए मायने रखती है।