यह है सरकार का लूट विभाग, इसके बिलो से लग रहा है आम जनमानस को करंट | KOLARAS, SHIVPURI NEWS

कोलारस। अगर सरकार के बिजली विभाग को लूट विभाग कहा जाए तो कोई अतिशोयक्ति नही होगी। यह सरकार का लूटैरा विभाग हैं,सरकार ने इस विभाग को जनता को लूटने के लिए रख रहा है।विभाग के द्धारा बिजली के बिलो का कोई नियम नही हैं। किस नियम से पैसे वसूले जा रहे हैं विभाग के अधिकारियो को भी जानकारी नही हैं।

अभी कोलारस में ऐसे बिजली के बिल आम जनमानस के पास पहुंचे है जिन्है देखकर बिजली विभाग के अपभोक्ताओ को करंट लग रहे हैं। कई तरह के चार्ज बिल में जोड़ तो दिए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो रहा है कि आखिर यह पैसा किस चीज का उपभोक्ता के बिल में जोड़ा जा रहा है।

बिजली कंपनी का यह कारनामा सालों से चल रहा है। जिससे केवल घरेलू उपभोक्ता ही परेशान हैं। इसकी वजह यह है कि ऊर्जा प्रभार, नियत प्रभार और विद्युत शुल्क के नाम पर उपभोक्ताओं से जो राशि वसूली जा रही है। उसके संबंध में उपभोक्ता तक को मालूम नहीं है कि यूनिट चार्ज के अलावा किस बात के लिए इतनी मोटी रकम वसूली जा रही है जिससे उपभोक्ताओं को हर माह हजारों का चूना लग रहा है। मोटे मोटे बिलों के बोझ से दबे हुए उपभोक्ता अपना बिल लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं हैं।

हर माह की जा रही मनमानी वसूली
नगर के जागरूक उपभोक्ता अभिषेक जैन ने जब पड़ताल की तो पता चला कि बिजली कंपनी हर माह उपभोक्ताओं से ठगी करने में जुटी है उनका कहना है कि कितनी यूनिट पर कितनी रेट लगाई है इसे बिल में स्पष्ट किया जाए साथ ही नियत प्रभार कितना जोड़ा है इसे स्पष्ट करें और विद्युत शुल्क पर कितनी प्रतिशत राशि जोड़ी गई है। इसका भी बिल में उल्लेख किया जाना चाहिए। जबकि बिल में किसी तरह का कोई उल्लेख नहीं किया जा रहा है।

यह है रेटों जिनके आधार पर लिया जाना चाहिए बिल

यूनिट वर्तमान दर 0 से 50 3 रूपए 85 पैसे यूनिट,51 से 100 4 रूपए 70 पैसे प्रति यूनिट,101 से 300 6 रूपए प्रति यूनिट और 301 से ऊपर 6 रूपए 30 पैसे प्रति यूनिट

बिल में जोड़ रहे नियत प्रभार

बिल में बिजली कंपनी नियत प्रभार की राशि भी जोड़ रही है। नियत प्रभार को किस तरह से निकाला जा रहा है यह उपभोक्ताओं के लिए पहेली बना हुआ है क्योंकि नियत प्रभार की राशि हर बिल में अलग अलग जोड़कर दी जाती है। इसलिए उपभोक्ताओं का कहना है कि 50 से 100 यूनिट में कितना नियत प्रभार आएगा और 101 से 200 यूनिट तक व 201 से 300 यूनिट या इससे अधिक पर कितना नियत प्रभार लिया जाता है इसे स्पष्ट किया जाए।

विद्युत शुल्क पर कितने प्रतिशत राशि यह भी पता नहीं उपभोक्ताओं को

वर्तमान विद्युत बिल के अनुसार प्रथम 100 यूनिट पर जो भी बिल की राशि है उस पर 9 प्रतिशत या 100 यूनिट से अधिक होने पर 12 प्रतिशत की दर से विद्युत शुल्क लिया जाता है। जो राशि की गणना कर बिल में अंकित की जाना चाहिए। लेकिन उपभोक्ताओं को दिए जा रहे बिजली बिलों में मनमाने ढंग से विद्युत शुल्क की राशि वसूल की जा रही है। इस संबंध में न तो अधिकारियों को ही साफ तौर पर मालूम है और न ही उपभोक्ताओं को।

बगैर रीडिंग के थमाए जा रहे आंकलित खपत के बिल

शहर के उपभोक्ताओं को बिजली कंपनी द्वारा जो बिल थमाए जा रहे हैं उनमें से अधिकतर बिल मीटर रीडिंग के आधार पर नहीं दिए जा रहे। वरन आंकलित खपत के अनुसार उपभोक्ताओं को बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। इस वजह से उपभोक्ता परेशान हैं और रोजाना सैकडों उपभोक्ता बिजली कंपनी के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनका बिल कम करने की वजाय अगली बार सही बिल जारी करने की बात कहकर टाल रहे हैं।

यह बोले उपभोक्ता

कोलारसभ निवासी कुशल जैन ने कहा कि अभी तक जो बिल हमें दिए जा रहे हैं। उनमें यह नहीं पता कि अन्य प्रभार के नाम पर किस बात के पैसे लिए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं को मोटी राशि के बिल बनाकर भेजे जा रहे हैं।

शशांक गुप्ता ने कहा कि मेरा और मेरे मित्र का बिल आंकलित खपत के आधार पर रखा गया है जो दोनो बिलो मे समान है लेकिन, ऊर्जा प्रभार,  नियत प्रभार एवं बिधुत् शुल्क दोनो का अलग अलग है

इरफान खान ने कहा कि ऊर्जा प्रभार, नियत प्रभार और मीटर रीडिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगा जा रहा है। यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है। जिससे घरेलू उपभोक्ता ज्यादा परेशान हैं।

यह बोले अधिकारी

बिल सॉफ़्टवेयर द्वारा उपर से ही छपकर आते है अगर आप बता रहे है तो सिस्टम मे गडबड़ी हो सकती है अगर कोई उपभोक्ता हमारे पास आएगा तो बिल्कुल सुधार किया जाएगा
राहुल तिवारी,कनिष्ठ यंत्री विद्युत मंडल कोलारस