बड़ी खबर: 14 लाख का गबन छिपाने कृषि विभाग ने सूचना का अधिकार ही बदल डाला | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। सूचना के अधिकार की धज्जिया कैसे उडाई जाती हैं इसका जीता जागता उदारहण शिवपुरी के कृषि विभाग ये आ रहा हैं, जहां एक भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए सूचना के अधिकार का नियम ही बदल दिया गया हैं।
जानकारी के अनुसार विनोद जाटव निवासी शिवपुरी तहसील ग्राम मुढैरी ने एक सूचना का अधिकार कृषि विभाग में लोक सूचना अधिकारी किसान कल्याण तथा कृषि विकास के नाम से दिनांक 27 जून को लगाया था।

इस आवेदन में इसी आफिस में पदस्थ एक बाबू की हुई शिकायतो और उनकी जांच एंव इसी बाबू के द्धवारा किया गया एक 14 लाख का गबन की जानकारी जांच और वसूली के संबंध में जानकारी मांगी थी। शुरू में विभाग के अधिकारियो ने इस सूचना के अधिकार को लेने से मना कर दिया था। काफी मशक्त के बाद इस सूचना के अधिकार हो एक्सेप्ट किया गया था।

विनोद जाटव जाति से हरिजन हैं और बीपीएल राशन कार्ड धारी है। बीपीएल कार्ड विनोद के पिता का है और उसका नाम इस कार्ड में तीसरे नंबर पर अंकित हैं होकर सयुंक्त परिवार में रहता हैं। विनोद ने बताया कि विभाग ने अपने भ्रष्ट बाबू की काली करतूतो को छुपाने के लिए सूचना के अधिकार के नियमो में ही अपने हिसाब से बदलाब कर दिया। बताया गया हैं कि विनोद का आवेदन विभाग ने यह कहकर रदद कर दिया कि सूचना के अधिकार में जो राशन कार्ड प्रयोग किया है वह उसका न होकर उसके पिता का हैं और इस कारण बीपीएल राशन कार्ड की पात्रता नही रखता हैं।

कुल मिलाकर कृषि विभाग के इन साहब की माने तो इन्होने राशन कार्ड के मायने ही बदल दिए हैं। अभी तक तो यह नियम था कि पिता के नाम से अगर बीपीएल राशन कार्ड है तो उसके परिवार के सभी सदस्य जो कार्ड पर अंकित है उन्है लाभ मिलेंगा,लेकिन यहा विनोद को लाभ नही मिला हैं,केवल भ्रष्टाचार के साक्ष्य छुपाने के लिए इस नए नियम को विभाग ने लागू कर दिया। ?

इनका कहना है
हां में मानता हूं कि ऐसा कोई नियम नहीं है। परंतु हो सकता है यह किसी गलती की बजय से हुआ हो। अब में भी इंसान हूं गलती हो गई होगी,लेकिन मेरा अब ट्रांसफर हो गया है। आप फरियादी को कार्यालय भिजवा दीजिए उन्हें जानकारी मिल जाएगी।
आर एस शाक्यवार,तत्कालीन उप संचालक कृषि विभाग