शिवपुरी में बनेगा देश का पहला आदर्श बेटी ग्राम, सपने जैसी सोच को उतारगें अधिकारी जमीन पर | Shivpuri News

शिवपुरी। आदर्श बेटी ग्राम एक ऐसा गांव होगा जहां हर बेटी स्कूल जाएगी,हर महिला हिंसा मुक्त होगी।गांव की सभी महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। हर घर की पहचान बेटी के नाम से होगी। गांव की बेटियां और महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगी। जहां दहेज,घरेलू हिंसा, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों का नामोनिशान तक नहीं होगा।

गांव में महिलाओं एवं बालिकाओं के अनुकूल वातावरण का निर्माण होगा।जहां कोई भी कुपोषित और एनीमिक नहीं होगा।गांव में व्यसन एवं मानवीय विकारों के लिये कोई स्थान नहीं होगा।गांव का हर घर पिंक माहौल में विकसित होगा। गांव के गरीब परिवारों की बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उसी गांव के संपन्न परिवारों द्वारा ली जाएगी।

हालांकि यह किसी सपने से कम नहीं पर विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सामाजिक सहयोग से सर्वाधिक बालिका शिशु लिंगानुपात वाले जिले के एक गांव से इस प्रयोग की सुरुआत होगी।यदि सामाजिक सहयोग मिला तो अगले चरण में प्रत्येक विकासखंड से एक एक गांव का चयन किया जाएगा।

यदि विभाग की कार्ययोजना साकार होती है तो निश्चित ही यह जिले के लिये गौरव की बात होगी। उल्लेखनीय है भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिले की कार्ययोजना में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस प्रकार के एक गांव को विकसित करने की योजना बनाई है।

शुरू हुई गांव के चयन की प्रक्रिया
आदर्श बेटी ग्राम के चयन के लिये सर्वाधिक बालिका शिशु लिंगानुपात वाले शिवपुरी विकासखंड के 10 ग्रामों का चयन किया जाएगा।उन सभी ग्रामों के वर्तमान परिदृश्य की एक ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

जिसमें से कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक टास्क फोर्स द्वारा एक गांव को नामांकित किया जाएगा।चिन्हित गांव को आदर्श बेटी ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि यह देश का पहला प्रयोग है।विभाग का यह नवप्रयोग सफल रहा तो निश्चय ही संपूर्ण भारत के लिये प्रेरणा (रोल मॉडल) का कार्य करेगा।

प्रयासों की सफलता का दावा
बाल संरक्षण अधिकारी राघवेन्द्र शर्मा ने दावा किया कि आदर्श बेटी ग्राम विकसित करना कठिन है,किंतु सामाजिक सहयोग मिले तो असंभव नही है।एक गांव से शुरुआत कर रहे है, विभागीय प्रयास निष्फल नहीं जाएंगे। भलेही समय लगे पर सपने को साकार करके ही रहेंगे।

प्रारंभ में कठिनाई होगी पर लोगों को जब जब इस कॉन्सेप्ट का महत्व समझ आजायेगा तो निश्चय ही सामाजिक सहयोग मिलेगा। सामाजिक मानसिकता में परिवर्तन लाने के लिये सभी आवश्यक कदम उठाये जाएंगे।

समन्वित प्रयास होंगे बढ़ते महिला एवं बाल अपराधों को नियंत्रित करने की महिला एवं बाल विकास की इस योजना को हकीकत में बदलने के लिये पंचायत एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा,स्वास्थ्य,सामाजिक न्याय,जनजातीय कार्य विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा समन्वित प्रयास होंगे। जिसकी निगरानी, मूल्यांकन एवं समन्वय का कार्य कलेक्टर द्वारा किया जाएगा।इसके नोडल अधिकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग रहेंगें।

बेटियों के अनुकूल होगा गांव का माहौल
जिले के एक गांव को आदर्श बेटी ग्राम के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की गयी है।यह देश का पहला गांव होगा जहां बेटियों के लिये पूरी तरह अनुकूल माहौल का निर्माण किया जायेगा। विभिन्न विभागों के साथ ही सामाजिक संस्थाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी सहयोग लिया जाएगा। आदर्श बेटी ग्राम विकसित होने के बाद देश के लिये प्रेरणा का केंद्र होगा।
आकाश अग्रवाल, प्र.जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, शिवपुरी