दक्षता परीक्षा: शिक्षकों ने किया बहिष्कार, नेता टाईप 4 शिक्षक सस्पैंड, बाकियों की वेतन वृद्धि रोकने के आदेश | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। माध्यमिक शिक्षाा मंडल द्धारा छात्रो की पढाई का स्तर सुधारने में कारगर होने वाली दक्षता अभियान की परिक्षा का शिक्षको ने बहिष्कार कर दिया है। शिक्षको ने कहा कि हम यह परिक्षा क्यो दे,हमारी नियुक्ति अवैध नही हैं। अगर विभाग को परीक्षा लेनी हैं तो पहले डीईओ और उीपीसी की परीक्षा ले।

जैया कि विदित है कि माशिमं ने पढाई का स्तर सुधारने के दक्षता कार्यक्रम चलाया था। जिन   10वीं-12वीं का रिजल्ट जिन स्कूलों में 30 फीसदी तक रहा, उनके शिक्षकों की दक्षता परीक्षा बुधवार को आयोजित की गई। शहर के मॉडल स्कूल में हुई परीक्षा में 254 शिक्षकों को शामिल होना था, लेकिन शिक्षकों ने इस परीक्षा का विरोध कर दिया।

247 शिक्षकों ने परीक्षा का बहिष्कार किया और स्कूल के बाहर नारेबाजी करने लगे। विरोध कर रहे शिक्षकों को मनाने के लिए एडीएम तीन बार स्कूल से बाहर आए। उन्होंने समझाया कि शिक्षक तो अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं। इसलिए आप अनुशासनहीनता नहीं करें।

मेरी गुजारिश है कि परीक्षा अवश्य दें। इसके बाद भी शिक्षकों ने नहीं सुनी और नारेबाजी करते रहे। इन शिक्षकों का कहना था कि हम परीक्षा देकर ही शिक्षक बने हैं। हमारी अवैध नियुक्ति नहीं है। ऐसे में हम पुन: परीक्षा क्यों दें। विभाग को परीक्षा लेनी है तो पहले डीईओ आैर डीपीसी की परीक्षा ले, फिर हमारी।

शहर के मॉडल स्कूल में दोपहर 12 बजे 0 से 30 फीसदी रिजल्ट वाले हाईस्कूल के 12 शिक्षक और मिडिल स्कूलों के 242 शिक्षकों को परीक्षा देनी थी। दोपहर 11.30 बजे शिक्षक परीक्षा देने मॉडल स्कूल में पहुंच गए, लेकिन कुछ शिक्षक नेताओं के विरोध के बाद वे यह कहते हुए बाहर निकल आए कि कोई भी शिक्षक परीक्षा नहीं देगा। दोपहर 12 बजे मॉडल स्कूल के बाहर शिक्षकों का जमावड़ा लग गया। ऐसे में मॉडल स्कूल के प्राचार्य विनय बेहरे प्रस्ताव लेकर आए कि 5 शिक्षकों से एडीएम साहब मिलना चाहते हैं। आप अंदर ऑफिस में चलें।

प्राचार्य के प्रस्ताव को शिक्षकों ने नकार दिया। इसके बाद एडीएम आर एस बालोदिया, एसडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर, डीईओ हरिओम चतुर्वेदी शिक्षकों को समझाइश देने पहुंचे, लेकिन शिक्षकों ने उनकी एक न सुनी और प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी... जैसे नारे लगाने लगे।

पिछले दरवाजे से 7 शिक्षक परीक्षा देने पहुंचे, शेष बाहर ही रहे

दोपहर 1 बजे बहिष्कार दल के साथ बैठे शिक्षकों में से 7 शिक्षकों ने परीक्षा में शामिल होने का मन बनाया। चूंकि सामने शिक्षक संगठन के लोग बैठे थे, इसलिए यह सात शिक्षक पिछले गेट से परीक्षा देने पहुंचे। जब अन्य शिक्षकों की परीक्षा देने की जानकारी लगी तो वे वापस आने का इंतजार करने लगे ताकि इन शिक्षकों का सम्मान गांधीवादी तरीके फूल माला और नारियल देकर किया जाए। प्रशासन ऐसा नहीं चाहता था इसलिए तुरंत पुलिस को खबर की। पुलिस ने आकर जब वीडियो रिकार्डिंग शुरू की तो विरोध कर रहे शिक्षक दोपहर 3 बजे वाहनों में बैठकर मौके से चले गए।

हम नकल से परीक्षा क्यों दे, पूरे प्रदेश में किया बहिष्कार

नकल से परीक्षा क्यों दें। हम प्रशासन को पहले ही ज्ञापन देकर सूचना दे चुके थे। यह शिक्षकों के साथ साजिश है। हम परीक्षा क्यों दें। हमारा संगठन पूरे प्रदेश में बहिष्कार कर रहा है। इसलिए हमने यहां भी बहिष्कार किया।
वंदना शर्मा, प्रांतीय अध्यक्ष, महिला मोर्चा, शासकीय अध्यापक संगठन

चार शिक्षक सस्पेंड, सभी 247 को नोटिस

डीईओ हरिओम चतुर्वेदी का कहना है कि दक्षता परीक्षा देने वालों में शिक्षक धर्मेंद्र रघुवंशी बिजरोनी, तारिक सिद्दीकी मझेरा और वंदना शर्मा पचीपुरा के नाम शामिल नहीं थे, फिर भी वे मॉडल स्कूल पहुंचे और शिक्षकों को भड़काया। डीइओ ने इन तीनों शिक्षक नेताओं के साथ ही शिक्षक ग्यादीन तरेटिया बारा को निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। वहीं 247 शिक्षकों को 3-3 वेतनवृद्धि रोकने के नोटिस दिया है।

विभाग इसलिए कराना चाहता था परीक्षा

डीईओ हरिओम चतुर्वेदी की माने तो विभाग परीक्षा इसलिए कराना चाहता था ताकि 0-30 फीसदी परिणाम देने वाले शिक्षकों को स्कूल खुलने से पहले किताब का अध्ययन पूरा हो जाए। और वह छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें। इसीलिए इन शिक्षकों की परीक्षा का आयोजन किया गया था। ताकि वह पढ़ाने वाले विषय में दक्षता हासिल कर लें।

परीक्षा नहीं देने वालाें काे दिए कारण बताओ नाेटिस

परीक्षा नहीं देने वाले 247 शिक्षकों के खिलाफ हम विभाग को कार्रवाई का प्रतिवेदन देंगे। अभी हमने इनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 तारीख को यही परीक्षा पुन: देने को कहा है। इसके बाद भी नहीं आते तो विभाग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखेंगे। -हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी, शिवपुरी

यह परीक्षा शिक्षकों के खिलाफ साजिश

नियम 20-50 के तहत शिक्षकों पर कार्रवाई करने की योजना शासन बना रहा है। यह हमारे खिलाफ साजिश है। जिस तरह से रोडवेज को बंद करने के लिए पहले उसे बदनाम किया गया। अब शिक्षकों को टारगेट कर उस विभाग को बंद कर निजीकरण की योजना है। जिसका हम विरोध करेंगे।
धर्मेंद्र रघुवंशी, जिलाध्यक्ष, शासकीय अध्यापक संघ