सतेन्द्र उपाध्याय। शिवपुरी। इन दिनों पूरे जिले में किसानों के साथ अनाज खरीदी में जमकर घोटाले हो रहे है। इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि इस पूरे मामले में प्रायवेट और सरकारी विभाग की मिली भगत से उक्त घटना को अंजाम दिया जा रहा है। ऐसा नही है कि इस मामले की भनक किसी को नहीं है। अपितु इस मामले की शिकायत लगातार डीआर सहित कलेक्टर से की जा रही है। उसके बाबजूद भी उक्त घपला रूक नहीं रहा है। किसानों के एक दम अच्छे माल को सैम्पलिंग में फैल कर दिया जाता है। और व्यापारीयों के अमानक माल को गोदाम में रखा जा रहा है।
यह आरोप हम नहीं अपितु बेयर हाउस संचालक ने विधिवत कलेक्टर को की शिकायत में बताया है। इस शिकायत के बाद कलेक्टर कार्यालय से डीआर को मामले की जांच के लिए भेजा जाता है। परंतु सभी एक दूसरे से मिले होने के चलते उक्त गोदामों पर कोई कार्यवाही नहीं हो पा रही। जिसके चलते उक्त समिति प्रबंधक सरेआम शासन को करोडों रूपए की चपत लगाने में जुटे हुए है।
जानकारी के अनुसार बीते रोज क्रषि उपज मंडी लुकवासा में के शाखा प्रबंधक के के पाटीदार ने कलेक्टर को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि सेवा सहकारी संस्था लुकवासा द्धारा खरीद केन्द्र उपमंडी लुकवासा वेअर हाउस पर सर्वेयर तथा समिति प्रबंधक की मिली भगत से नोन एफएक्यू स्कंध पास माल को जबरन वेयर हाउस में रख दिय है। जब गोदाम संचालक ने उक्त मामले का विरोध किया तो समिति प्रबंधक ने वेयर हाउस से मालिक को जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले की शिकायत के बाद कलेक्टर ने तत्काल डीआर सीपी भदौरिया को मामले की जांच के आदेश दिए। इस मामले में सीपी भदौरिया ने तत्काल अपने अमले को मौके पर भेजा। परंतु उक्त मामले में मौके जांच करने पहुंचे अधिकारी भी मामले को घालमेल कर मौके से आ गए।
इनका कहना है
हां हमारी टीम लुकवासा तो गई हुई थी। परंतु उन्होंने अभी हमें जांच रिपोर्ट दी नहीं है। मैं कल जांच रिेपोर्ट लेकर ही कुछ बता पाउंगा।
सीपी भदौरिया,डीआर
