जैसे-जैसे अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर बढे, वैसे-वैसे रैफर केस बढ रहे हैं, बोल रहे हैं आंकडे | Shivpuri News

शिवपुरी। अभी 2 वर्ष पूर्व शिवपुरी के जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरो की कमी का रोना रोया जाता थॉ,लेकिन अब मेडिकल कोलेज में नियुक्ति गेस्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त विशेषज्ञ डॉक्टरो की सेवाए जिला अस्पताल में ली जा रही हैं।

पुराने और नए डॉक्टर मिलाकर डॉक्टरो की संख्या 41 बताई जा रही हैं,लेकिन फिर भी जिला अस्पताल की व्यवस्थाओ में सुधार नही हो रहा हैं। अब संसाधनो की कमी का रोना रोया जा रहा हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि अस्पताल में संसाधनो का उपयोग नही किया जा रहा हैं,डॉक्टरो की संख्या बढने के साथ ही मरिजो को रैफर करने की संख्या घटने के बताए बढ रही हैं।

शिवपुरी दौरे पर गुरुवार को आए चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने मरीज रैफर करने की समस्या को लेकर कहा कि इस अस्पताल को अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करना होगा, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके और उन्हें बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़े। यहां से केवल वही (मरीज) जाएं जिनके लिए जरूरी सुविधाएं यहां नहीं हैं। इसी को लेकर यह बैठक और कवायद हुई है।

प्रमुख सचिव ने जिला अस्पताल शिवपुरी की नई बिल्डिंग में कलेक्टर अनुग्रहा पी., सिविल सर्जन डॉ. गोविंद सिंह, डीन डॉ. इला गुजारिया, सीएमएचओ डॉ. एएल शर्मा और अन्य डॉक्टरों की मीटिंग ली। बता दें कि लोस चुनाव के पहले प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह ने आईसीयू तो चालू करा दिया था, लेकिन गंभीर मरीजों को फायदा नहीं मिला।

जिला अस्पताल में पिछले साल आईसीयू बंद रहा। मेडिकल काॅलेज खुलने से पहले यहां मरीज की मौत को लेकर हंगामा हुआ जिससे डॉक्टर काम छोड़कर चले गए। आईसीयू बंद होने से गंभीर मरीजों को ग्वालियर रैफर करना शुरू हो गया, लेकिन मेडिकल कॉलेज खुलने से फिर आईसीयू चालू होने की उम्मीद जगी। जैसे-तैसे फरवरी-2019 में आईसीयू चालू भी करा दिया गया। इसके बाद भी गंभीर मरीजों को फिर भी रैफर किया जा रहा है।

वहीं सिविल सर्जन डॉ. गोविंद सिंह का कहना है कि सर्जरी के लिए मरीज को बेहोशी की ड्रग्स, बैकअप के लिए संसाधन, वेंटीलेटर आदि की कमी है। फाइनल एनेस्थीसिया की व्यवस्था नहीं है। मौजूदा समय में अस्पताल प्रबंधन ने मुहैया नहीं कराया। चार बार लिखित में दे चुके हैं। स्टाफ की कमी भी एक वजह है।

संसाधनों का अभाव इसलिए कर रहे रैफर
संसाधन का अभाव होने से गंभीर मरीजों का इलाज शिवपुरी में संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए रैफर मरीजों की संख्या में कोई अंतर नहीं आया है।
डॉ. गोविंद सिंह, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल, शिवपुरी

डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं, पहले से सुधार हुआ है
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। गंभीर मरीजों को ग्वालियर रैफर जैसी कोई बात नहीं है। पहले से सुधार आया है।
 डॉ. इला गुजारिया, डीन, मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी

मेडिकल के डॉक्टरों की पोस्टिंग के बाद 2018 में रैफर मरीजों की संख्या
मई 276, जून 250 ,जुलाई 214 ,अगस्त 278,सितंबर 387,अक्टूबर 450,नवंबर 333 और दिसंबर 258 मरिजो को रैफर किया गया है।