अपने भाईयो के खाते में लाखो रूपए का पेमेंट करवा कर फंसी RTO मधु सिंह | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। पूर्व सीएम शिवराज सिंह के पिछोर में 30 जुलाई को आयोजित कार्यक्रम के लिए भीड जुटाने के लिए भेजी गई बसो में शिवपुरी आरटीओ मधुसिंह के 40 लाख रूपए के भ्रष्टाचार के मामले में एक ओर खबर आ रही हैं कि इस मामले की ग्वालियर के एक पत्रकार ने लोकायुक्त में शिकायत कर दी हैं।

बताया जा रहा है कि शिवराज सिंह जब मप्र के सीएम थे 30 जुलाई 2018 में जिले के पिछोर कस्बे में हितग्राही सम्मेलन आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम जिला पंचायत विभाग द्धारा आयोजित कराया गया था। और इसमें प्रशासन को भीड जुटाने का टास्क दिया था।

पिछोर में लाखो की संख्या में भीड जुटाने के लिए जिले भर से 300 बसो को भेजा गया और बसे उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी शिवपुरी आरटीओ मधुसिंह को दी। सीएम के कार्यक्रम के लिए भेजी गई बसो का पेमेंट आरटीओ मधुसिंह ने जिला पंचायत को एक पत्र के आधार पर 2 व्यक्तियो के खातो में लाखो रूपए की पेमेंट करवा दी।

बताया जा रहा है कि आरटीओ मेडम ने अपने पर्सनल कटर पुष्पेन्द्र यादव के खाते मेें 14 लाख रूपए और अशोक नागपाल के खाते में 16 लाख रूपए का पेमेंट करवा दिया। यह उक्त दोनो खाते धारी आटीओ मेंडम के साथ मुरैना से ही आए हैं, मुंह बोले भाई बताए जाते हैं इस कारण लाखो का पेमेंट इनके निजी खातो में करवा दिया गया है।

इस पूरे मामले में कई सवाल खडे हो रहे है कि सबसे पहले जिला पंचायत ने एक पत्र के आधार पर कई बसो का भुगतान 2 पर्सनल खातो में कैसे कर दिया। क्या आरटीओ मेडम को ऐसे पत्र लिखने का पावर हैं। क्या यह दोनो खाताधारी बसो के मालिक थे क्या। नही तो सीधे बसो के मालिको के खाते में पैसा ट्रांसफर क्यो नही कराया गया।

अगर दोनो व्यक्ति इतनी बसो के मालिक है तो अभी चुनाव के समय प्रशासन घर-घर जाकर वाहन को तलाशता घूमा, इन दोनो व्यक्ति से कह देते इतनी बसे आसानी से मिल जाती हैं। इस चुनाव में इन दोनो व्यक्ति के नाम पर कोई भी बस नही है।

बताया गया है कि आरटीओ मेंडम ने इन बसो के बिल एक समान बनाया हैं। वेसे देखा जाए तो पिछोर कार्यक्रम था तो कई बस करैरा से पिछोर,नरवर से पिछोर,खनियाधाना से पिछोर,शिवपुरी से पिछोर,कोलारस से पिछोर कुल मिलाकर पूरे जिले से पिछोर बस गई। बस एक समान सीटर नही थी,कोई बस कितने सीटर थी तो कोई बस कितने। सभी का पेमेंट एक समान बनाकर दिया गया।

इसी कारण आरटीओ मेडम ने बस मालिको के बैंक में पैसा ट्रांसफर नही किया। अपने हिसाब से पेमेेंट दिया गया और शासन ने किराए से अधिक पेमेंट वसूला गया। शिवपुरी की मिडिया में यह मामला लगातार प्रकाशित किया जा रहा हैं। लेकिन इस मामले में अभी तक कोई जांच नही की। इस कारण ही इस मामले को लोकायुक्त में लगाया गया हैं। इससे इस काण्ड मे सलिंप्त सभी व्यक्तियो पर कार्रवाई हो सके।