सोशल पर आया सवाल कौन है यह BJP के प्रत्याशी KP यादव, मैच शुरू होने से पहले फिक्स | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। अत: शिवुपरी-गुना लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी गईं। भाजपा के अपार मंथन के बाद डॉकटर केपी यादव का नाम निकला। इस नाम की घोषणा होते ही सोशल पर सवाल उठने लगे है कि कौन है केपी यादव। भाजपा सरकार पर अपना कब्जा बरकरार रखने के लिए फूक-फूक कर कदम रख रही थी। 

भाजपा ने इस सीट पर नाम की घोषणा अभी तक इस कारण नही की थी कि इस सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी की घोषणा नही हुई थी। चुनावाी खबरो से लग रहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया शायद और कही से चुनाव लड सकते है इस सीट पर उनकी धर्म पत्नि महारानी प्रियदर्शनी को उम्मीदवार बनाया जा सकता हैं लेकिन ऐसा नही हुआ,अत: ज्योतिरादित्य सिंधिया ही इस सीट से चुनाव लड रहे है।

उम्मीद जताई जा रही थी कि सांसद सिंधिया को घेरने के लिए भाजपा कोई प्रभावी चेहरा मैदान में उतार सकती हैं,जिससे सांसद सिंधिया को इस सीट पर घेरा जा सके। सांसद सिंधिया ग्वालियर के महाराज हैं,इस क्षेत्र में वे कांग्रेस के ऐसे चेहरे हैॅ जो ग्वालियर,मुरैना,भिंड और दतिया में प्रभाव रखते है।

भाजपा से आम जनमानस को उम्मीद थी कि भाजपा कोई ऐसा चेहरा ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने खडा कर सकती है जो सांसद सिंधिया के समझ संकट खडा कर सकता था,लेकिन ऐसा नही हुआ भाजपा ने एक ऐसे चेहरे को टिकिट दिया जो चार माह पूर्व ही कांग्रेस से आयतित होकर भाजपा में आए हैं।

डॉ केपी यादव ने मुगावली विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकिट पर उपचुनाव लडा था। और भाजपा के प्रत्याशी को 8 हजार वोट से पराजित किया था। इसके बाद सन 2018 के चुनाव में कांग्रेस के द्धवारा टिकिट नही दिया और भाजपा का हाथ थम कर टिकिट पा लिया और चुनाव हार गए। केपी यादव वह नेता है अबकी बार सिंधिया सरकार का नारा दिवालो पर लिखवाया था और निवेदक में अपना नाम लिखवाया था।  

केपी यादव को भाजपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद सोशल पर सवाल उठ गया कि केपी यादव कौन हैं,इन सवालो के बाद भाजपा ने केपी यादव का वायोडाटा मिडिया को मेल किया। केपी यादव का पूरा नाम डॉक्टर कृष्णपाल सिंह यादव है, शैक्षणिक योग्यता BMS हैं। 

मीसाबंदी और भाजपा के पूर्व नेता चौकीदार हरिहर शर्मा ने भाजपा के इस घोषणा पर  अपनी एफबी पर पोस्ट की हैं,उन्होने लिखा है कि मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया से मेरे द्धारा जाने अनजाने में कोई भी अपराध को गया हो तो में क्षमा याचना करता हूॅ। इस पोस्ट के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं। 

भाजपा ने सिर्फ जातिगत आधार का गणित देखकर ही इस चेहरे का चुनाव किया हैं,लेकिन इससे पूर्व मुंगावली के पूर्व विधायक स्व:राव देशराज सिंह यादव का गणित को कैसे भूल गई। इनको भी भाजपा ने अपना प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ मैदान में उतारा था। हार-जीत का अंतर लाखो में आया था। 

हरिहर शर्मा की एफबी पर इस पोस्ट के बाद लंबी बहस शुरू हो गई। भाजपा ने ये क्या कर दिया ऐसे चेहरे को टिकिट दे दिया जो कल तक कांग्रेसी था, सिंधिया निष्ठ था और सांसद प्रतिनिधि था। ऐसा चेहरा कैसे चुनाव जीतने की बात तो दूर सिंधिया  को रिर्काड न बनवा दे। इन बातो को देखकर लगता हैं कि मैच शुरू होने से पूर्व ही फिक्स हो गया।